कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 6 :  हमारे आस-पास की सामग्री | Matter In Our Surroundings

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कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 6 :  हमारे आस-पास की सामग्री | Matter In Our Surroundings

अध्याय 6 : हमारे आस-पास की सामग्री

हमारे चारों ओर अनेक प्रकार की वस्तुएँ और सामग्रियाँ पाई जाती हैं। पुस्तक, मेज, कुर्सी, बोतल, गिलास, कपड़े, खिलौने, बर्तन आदि अलग-अलग वस्तुएँ हैं और इन्हें बनाने के लिए अलग-अलग सामग्रियों का उपयोग किया जाता है। इस अध्याय में हम सीखते हैं कि विभिन्न सामग्रियों के गुण अलग-अलग होते हैं और इन्हीं गुणों के आधार पर उनका उपयोग तथा वर्गीकरण किया जाता है।

सामग्री और वस्तु

किसी वस्तु को बनाने के लिए जिस पदार्थ का उपयोग किया जाता है, उसे सामग्री कहा जाता है। जैसे कुर्सी लकड़ी, प्लास्टिक, बाँस, लोहे या अन्य सामग्री से बनाई जा सकती है। एक ही प्रकार की वस्तु अलग-अलग सामग्रियों से बनाई जा सकती है। उदाहरण के लिए, पानी रखने के लिए काँच, प्लास्टिक या धातु की बोतलें हो सकती हैं। इसी प्रकार एक वस्तु को बनाने में एक से अधिक सामग्रियों का भी उपयोग किया जा सकता है।
इससे स्पष्ट होता है कि किसी वस्तु के निर्माण के लिए सामग्री का चुनाव उसके गुणों और उपयोग के आधार पर किया जाता है।

सामग्रियों का वर्गीकरण

हमारे आसपास बहुत सारी सामग्रियाँ हैं। उन्हें समझने और उनके गुणों का अध्ययन करने के लिए समान गुणों वाली सामग्रियों को एक समूह में रखा जाता है। इस प्रक्रिया को वर्गीकरण कहते हैं। सामग्रियों का वर्गीकरण उनके गुणों में समानता या अंतर के आधार पर किया जाता है।
वर्गीकरण से हमें किसी सामग्री को पहचानने, उसका अध्ययन करने और उसके उचित उपयोग का निर्णय लेने में आसानी होती है। जैसे चमकदार और चमकहीन, कठोर और नरम, पारदर्शी और अपारदर्शी आदि समूह बनाए जा सकते हैं।

चमकदार और चमकहीन सामग्री

कुछ सामग्रियों की सतह चमकदार दिखाई देती है। ऐसी सामग्रियों को चमकदार या द्युति‍मय कहा जाता है। धातुओं की सतह प्रायः चमकदार होती है। दूसरी ओर, लकड़ी या रबर जैसी कुछ सामग्रियाँ सामान्यतः चमकहीन दिखाई देती हैं। इन्हें चमकहीन या द्युति‍हीन कहा जाता है।

कठोर और नरम सामग्री

कुछ सामग्रियाँ दबाने या मोड़ने पर आसानी से अपना आकार नहीं बदलतीं। ऐसी सामग्रियाँ कठोर कहलाती हैं। उदाहरण के लिए, लोहा और पत्थर कठोर पदार्थ हैं। कुछ सामग्रियाँ आसानी से दबाई या मोड़ी जा सकती हैं। उन्हें नरम या कोमल कहा जाता है। सामग्री की कठोरता या नरमी उसके उपयोग को प्रभावित करती है।
उदाहरण के लिए, कुर्सी बनाने के लिए ऐसी सामग्री चाहिए जो पर्याप्त कठोर हो, ताकि उस पर बैठने पर वह आसानी से मुड़े या हिले नहीं।

पारदर्शी, पारभासी और अपारदर्शी सामग्री

प्रकाश के आर-पार देखने की क्षमता के आधार पर सामग्रियों को तीन समूहों में बाँटा जाता है।
पारदर्शी सामग्री वे हैं जिनके आर-पार वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। साफ काँच इसका उदाहरण है।
पारभासी सामग्री से प्रकाश तो गुजर सकता है, लेकिन उनके आर-पार वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं।
अपारदर्शी सामग्री से प्रकाश आसानी से पार नहीं हो पाता और इनके आर-पार वस्तुओं को नहीं देखा जा सकता। लकड़ी का दरवाजा इसका उदाहरण है।
इसी कारण दुकानों और घरों में सामग्री रखने के लिए पारदर्शी पात्रों का उपयोग किया जाता है। पारदर्शी पात्र होने से अंदर रखी वस्तु को बिना पात्र खोले देखा जा सकता है।

जल में घुलनशील और अघुलनशील सामग्री

कुछ पदार्थ जल में पूरी तरह मिलकर घुल जाते हैं। ऐसे पदार्थ घुलनशील कहलाते हैं। उदाहरण के लिए, चीनी और नमक जल में घुल जाते हैं। दूसरी ओर, कुछ पदार्थ जल में नहीं घुलते। उन्हें अघुलनशील कहते हैं। लकड़ी का बुरादा या कुछ अन्य ठोस पदार्थ इसके उदाहरण हैं।
किसी सामग्री का जल में घुलना या न घुलना भी उसका एक महत्वपूर्ण गुण है। इस गुण के आधार पर सामग्रियों को अलग-अलग समूहों में रखा जा सकता है।

भारी या हल्की सामग्री और द्रव्यमान

समान आयतन वाली अलग-अलग सामग्रियों को देखकर हम अनुमान लगा सकते हैं कि कौन-सी भारी और कौन-सी हल्की है। लेकिन सही जानकारी के लिए उनके द्रव्यमान को मापना आवश्यक है। समान आयतन में जिस सामग्री का द्रव्यमान अधिक होता है, वह अधिक भारी होती है और जिसका द्रव्यमान कम होता है, वह हल्की होती है।
द्रव्यमान किसी वस्तु में उपस्थित द्रव्य की मात्रा को बताता है। द्रव्यमान को सामान्यतः ग्राम (g) और किलोग्राम (kg) में मापा जाता है। SI पद्धति में किलोग्राम द्रव्यमान की इकाई है। उदाहरण के लिए, किसी वस्तु का द्रव्यमान 7 kg हो तो उसे 7 kg लिखा जाता है।

आयतन

किसी वस्तु या पदार्थ द्वारा घेरा गया स्थान उसका आयतन कहलाता है। तरल पदार्थों की मात्रा या आयतन को सामान्यतः लीटर (L) और मिलीलीटर (mL) में मापा जाता है। पानी की बोतलों पर 1 L, 500 mL या 200 mL जैसे अंक लिखे होते हैं। ये उस बोतल में मौजूद पानी के आयतन को दर्शाते हैं।
1 m³ = 1000 L होता है। आयतन सभी प्रकार के द्रव्य का एक महत्वपूर्ण गुण है।

द्रव्य क्या है?

जो वस्तु स्थान घेरती है और जिसका द्रव्यमान होता है, उसे द्रव्य कहते हैं। जल, रेत, कंकड़, कप आदि द्रव्य के उदाहरण हैं। वायु भी द्रव्य है, क्योंकि वह स्थान घेरती है और उसका द्रव्यमान होता है। द्रव्य की मात्रा को द्रव्यमान से तथा उसके द्वारा घेरे गए स्थान को आयतन से व्यक्त किया जाता है।

सामग्रियों के गुण और उनका उपयोग

किसी वस्तु को बनाने के लिए सामग्री का चयन उसके गुणों को ध्यान में रखकर किया जाता है। उदाहरण के लिए, कुर्सी बनाने के लिए कठोर और पर्याप्त मजबूत सामग्री चाहिए। खाद्य पदार्थ रखने के पात्र के लिए ऐसी सामग्री उपयोगी होगी जिसे साफ करना आसान हो। टूटे काँच के लिए मजबूत और सुरक्षित पात्र की आवश्यकता होगी। इस प्रकार किसी सामग्री का गुण उसके उपयोग को निर्धारित करता है।

निष्कर्ष

इस अध्याय से हमें पता चलता है कि हमारे आसपास की सामग्रियाँ अलग-अलग गुण रखती हैं। उन्हें चमकदार या चमकहीन, कठोर या नरम, पारदर्शी, पारभासी या अपारदर्शी तथा घुलनशील या अघुलनशील के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। सभी द्रव्य स्थान घेरते हैं और उनका द्रव्यमान होता है। द्रव्यमान को ग्राम और किलोग्राम तथा आयतन को लीटर और मिलीलीटर में मापा जाता है। सामग्रियों के गुणों को समझकर हम यह तय कर सकते हैं कि किसी विशेष वस्तु को बनाने के लिए कौन-सी सामग्री सबसे उपयुक्त होगी। इस प्रकार सामग्री के गुणों का ज्ञान हमारे दैनिक जीवन और वैज्ञानिक अध्ययन दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पुस्तक के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. जोड़ीदार खोजें।

निम्नलिखित शब्दों में से जिन शब्दों में परस्पर कोई संबंध है, उन्हें तीर द्वारा दर्शाइए।

उत्तर :

  • द्रव्य → स्थान घेरता है और इसका द्रव्यमान होता है।
  • घुलनशील → जल में पूरी तरह घुल जाता है।
  • पारदर्शी → जिसके आर-पार स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
  • द्युतिमय → चमकदार सतह।

पुस्तक में दिए गए शब्दों और उनके गुणों का यही संबंध है।

प्रश्न 2. स्तंभ I में दिए गए अक्षरों को सही क्रम में लिखें और प्राप्त शब्द का मिलान स्तंभ II में दिए गए उसके गुणों से करें।

उत्तर :

स्तंभ Iसही शब्दस्तंभ IIमिलान
(क) व्य द्रद्रव्य(ii) स्थान घेरता है और इसका द्रव्यमान होता हैक → ii
(ख) ल शी घ न लुघुलनशील(iv) जल में पूरी तरह घुल जाता हैख → iv
(ग) र पा र्शी दपारदर्शी(i) जिनके आर-पार स्पष्ट रूप से देखा जा सकता हैग → i
(घ) य ति म द्युद्युतिमय(iii) चमकदार सतहघ → iii

ये शब्द अध्याय के सारांश में दिए गए गुणों से भी संबंधित हैं।

प्रश्न 3. दुकानों और घरों में सामग्री रखने के लिए जिन पात्रों का उपयोग किया जाता है वे प्रायः पारदर्शी होते हैं। इसके कारण बताइए।

उत्तर :
दुकानों और घरों में सामग्री रखने वाले पात्र प्रायः पारदर्शी बनाए जाते हैं, क्योंकि पारदर्शी पात्रों के आर-पार वस्तु को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इससे पात्र को खोले बिना उसके अंदर रखी सामग्री की पहचान करना और उसकी मात्रा देखना आसान होता है।

प्रश्न 4. अंकित कीजिए कि नीचे दिए गए कथन सही हैं या गलत और गलत कथनों को सही करके लिखें।

(क) लकड़ी पारभासी है जबकि काँच अपारदर्शी है।

उत्तर : गलत।
सही कथन: लकड़ी अपारदर्शी है, जबकि सामान्य साफ काँच पारदर्शी है।

(ख) ऐलमिनियम की पन्नी में चमक होती है, जबकि रबर में नहीं।

उत्तर : सही।

(ग) चीनी जल में घुल जाती है, जबकि लकड़ी का बुरादा नहीं।

उत्तर : सही।

(घ) सेब एक द्रव्य है क्योंकि यह कोई स्थान नहीं घेरता और इसमें द्रव्यमान है।

उत्तर : गलत।
सही कथन: सेब एक द्रव्य है क्योंकि यह स्थान घेरता है और इसमें द्रव्यमान होता है।

पुस्तक में इन कथनों को पारदर्शिता, चमक, घुलनशीलता तथा द्रव्य की अवधारणा जाँचने के लिए दिया गया है।

प्रश्न 5. हम विभिन्न सामग्रियों, जैसे—लकड़ी, लोहा, प्लास्टिक, बाँस, सीमेंट और पत्थरों से बनी कुर्सियाँ देखते हैं। कुर्सी बनाने के लिए सामग्री के कुछ वांछनीय गुण निम्नलिखित हैं। कौन-सी सामग्रियाँ इन गुणों को पूरा करती हैं?

उत्तर :
कुर्सी बनाने के लिए ऐसी सामग्री चाहिए जो मजबूत, पर्याप्त कठोर, टिकाऊ और उपयोग के लिए उपयुक्त हो।

  • लकड़ी – मजबूत और कठोर होती है, इसलिए कुर्सी बनाने के लिए उपयुक्त है।
  • लोहा – बहुत मजबूत और कठोर होता है, इसलिए उपयुक्त है।
  • प्लास्टिक – कुछ प्रकार के मजबूत प्लास्टिक से कुर्सियाँ बनाई जाती हैं।
  • बाँस – मजबूत और अपेक्षाकृत हल्का होने के कारण उपयोगी है।
  • सीमेंट – कठोर होता है, लेकिन अकेले इससे सामान्य कुर्सी बनाना सुविधाजनक नहीं है।
  • पत्थर – कठोर और मजबूत होता है, लेकिन बहुत भारी होने के कारण सामान्य कुर्सी के लिए कम सुविधाजनक है।

इसलिए कुर्सी के उद्देश्य और आवश्यक गुणों के आधार पर सामग्री का चयन किया जाता है। पुस्तक में भी बताया गया है कि किसी वस्तु को बनाने के लिए सामग्री का चुनाव उसके गुणों के आधार पर किया जाता है।

प्रश्न 6. सामग्री को समूहों में वर्गीकृत करना क्यों उपयोगी है?

उत्तर :
सामग्री को उनके समान गुणों के आधार पर समूहों में वर्गीकृत करना उपयोगी है क्योंकि इससे अलग-अलग सामग्रियों के गुणों का अध्ययन और उनका अवलोकन आसानी से किया जा सकता है। इससे किसी विशेष कार्य के लिए उपयुक्त सामग्री चुनने में भी सहायता मिलती है।

प्रश्न 7. कठोर और नरम सामग्रियों में क्या अंतर है? उदाहरण दीजिए।

उत्तर :
जिन सामग्रियों को आसानी से दबाया या खरोंचा जा सकता है, वे नरम कहलाती हैं। जिन्हें दबाना या खरोंचना कठिन होता है, वे कठोर कहलाती हैं।

उदाहरण :

  • नरम – स्पंज, रबर।
  • कठोर – लोहा, पत्थर।

कठोरता सापेक्ष गुण है। उदाहरण के लिए, रबर स्पंज से कठोर लेकिन लोहे से नरम होता है।

प्रश्न 8. पारदर्शी, पारभासी और अपारदर्शी सामग्रियों में अंतर बताइए।

उत्तर :

  1. पारदर्शी सामग्री – इनके आर-पार वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं।
    उदाहरण: साफ काँच।
  2. पारभासी सामग्री – इनके आर-पार देखा जा सकता है, लेकिन वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं।
    उदाहरण: बटर पेपर और फ्रॉस्टेड काँच।
  3. अपारदर्शी सामग्री – इनके आर-पार नहीं देखा जा सकता।
    उदाहरण: लकड़ी, गत्ता और धातु।

पुस्तक में भी इन तीनों प्रकारों का वर्गीकरण इसी आधार पर किया गया है।

प्रश्न 9. निम्नलिखित वस्तुओं को पारदर्शी, पारभासी या अपारदर्शी के रूप में वर्गीकृत कीजिए।

  • काँच का गिलास
  • बटर पेपर
  • रबर
  • फ्रॉस्टेड काँच
  • लकड़ी का बोर्ड
  • खिड़की का काँच

उत्तर :

वस्तुप्रकार
काँच का गिलासपारदर्शी
बटर पेपरपारभासी
रबरअपारदर्शी
फ्रॉस्टेड काँचपारभासी
लकड़ी का बोर्डअपारदर्शी
खिड़की का काँचपारदर्शी

ये वर्गीकरण पुस्तक में दिए गए पारदर्शिता के गुणों के आधार पर हैं।

प्रश्न 10. जल में घुलनशील और अघुलनशील सामग्री क्या होती है? उदाहरण दीजिए।

उत्तर :
जो सामग्री जल में मिलकर पूरी तरह घुल जाती है और अलग से दिखाई नहीं देती, उसे जल में घुलनशील कहते हैं। जैसे—चीनी और नमक।

जो सामग्री जल में नहीं घुलती और अलग दिखाई देती रहती है, उसे अघुलनशील कहते हैं। जैसे—रेत और लकड़ी का बुरादा।

पुस्तक में चीनी और नमक के जल में घुलने तथा अन्य पदार्थों के व्यवहार के माध्यम से इस गुण को समझाया गया है।

प्रश्न 11. द्रव्यमान क्या है?

उत्तर :
किसी वस्तु में उपस्थित द्रव्य की मात्रा के मापन को द्रव्यमान कहते हैं। सामान्य भाषा में द्रव्यमान के लिए भार शब्द का भी प्रयोग किया जाता है। समान आयतन वाली वस्तुओं में जिसका द्रव्यमान अधिक होता है, वह अधिक भारी होती है।

प्रश्न 12. आयतन क्या है?

उत्तर :
किसी द्रव्य द्वारा घेरे गए स्थान को उसका आयतन कहते हैं। किसी वस्तु द्वारा कितना स्थान घेरा गया है, यह उसका आयतन बताता है।

प्रश्न 13. द्रव्य क्या है?

उत्तर :
जो वस्तु स्थान घेरती है और जिसका द्रव्यमान होता है, उसे द्रव्य कहते हैं। उदाहरण के लिए—जल, वायु, लकड़ी, पत्थर आदि द्रव्य हैं। पुस्तक के सारांश में भी द्रव्य की यही परिभाषा दी गई है।

प्रश्न 14. किसी वस्तु को बनाने के लिए सामग्री का चुनाव कैसे किया जाता है?

उत्तर :
किसी वस्तु को बनाने के लिए उसकी आवश्यकताओं और उपयोग को ध्यान में रखकर सामग्री का चुनाव किया जाता है। सामग्री के गुण जैसे—कठोरता, कोमलता, चमक, पारदर्शिता, जल में घुलनशीलता आदि देखे जाते हैं। जिस सामग्री के गुण वस्तु के उपयोग के लिए उपयुक्त होते हैं, उसका चयन किया जाता है।

उदाहरण के लिए, गिलास के लिए ऐसी सामग्री चाहिए जो जल को धारण कर सके। इसलिए सामग्री का चुनाव उसके गुणों के आधार पर किया जाता है।

अतिरिक्त प्रश्न–उत्तर

1. सामग्री किसे कहते हैं?

उत्तर: जिन पदार्थों से वस्तुएँ बनाई जाती हैं, उन्हें सामग्री कहते हैं। जैसे लकड़ी, लोहा, प्लास्टिक, काँच आदि।

2. वस्तु और सामग्री में क्या संबंध है?

उत्तर: प्रत्येक वस्तु किसी-न-किसी सामग्री से बनी होती है। एक ही वस्तु अलग-अलग सामग्रियों से बनाई जा सकती है और एक ही सामग्री से कई अलग-अलग वस्तुएँ बनाई जा सकती हैं।

3. सामग्री का वर्गीकरण क्यों किया जाता है?

उत्तर: समान गुणों वाली सामग्रियों को एक समूह में रखने के लिए उनका वर्गीकरण किया जाता है। इससे उनके गुणों को समझना और किसी काम के लिए सही सामग्री चुनना आसान होता है।

4. सामग्रियों को किन-किन गुणों के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है?

उत्तर: सामग्रियों को उनकी चमक, कठोरता, पारदर्शिता, जल में घुलनशीलता आदि गुणों के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है।

5. द्युतिमय सामग्री क्या होती है?

उत्तर: जिन सामग्रियों की सतह चमकदार दिखाई देती है, उन्हें द्युतिमय या चमकीली सामग्री कहा जाता है। जैसे धातुएँ।

6. क्या सभी धातुएँ चमकीली दिखाई देती हैं?

उत्तर: धातुओं की साफ और नई सतह सामान्यतः चमकीली दिखाई देती है। लेकिन धातु की सतह पर धूल, गंदगी या अन्य पदार्थ की परत होने पर उसकी चमक कम दिखाई दे सकती है।

7. कठोर सामग्री किसे कहते हैं?

उत्तर: जिन सामग्रियों को दबाना, काटना या खरोंचना अपेक्षाकृत कठिन होता है, वे कठोर सामग्री कहलाती हैं। जैसे लोहा और पत्थर।

8. नरम सामग्री किसे कहते हैं?

उत्तर: जिन सामग्रियों को आसानी से दबाया या खरोंचा जा सकता है, वे नरम सामग्री कहलाती हैं। जैसे स्पंज और कुछ प्रकार के रबर।

9. कठोरता सापेक्ष गुण क्यों है?

उत्तर: किसी सामग्री की कठोरता दूसरी सामग्री की तुलना में अधिक या कम हो सकती है। उदाहरण के लिए, रबर स्पंज से कठोर लेकिन लोहे से नरम हो सकता है। इसलिए कठोरता को तुलना के आधार पर समझा जाता है।

10. पारदर्शी सामग्री क्या होती है?

उत्तर: जिन सामग्रियों के आर-पार वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, उन्हें पारदर्शी सामग्री कहते हैं। जैसे साफ काँच।

11. पारभासी सामग्री क्या होती है?

उत्तर: जिन सामग्रियों के आर-पार प्रकाश तो गुजरता है, लेकिन वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं, उन्हें पारभासी सामग्री कहते हैं। जैसे बटर पेपर और फ्रॉस्टेड काँच।

12. अपारदर्शी सामग्री क्या होती है?

उत्तर: जिन सामग्रियों के आर-पार नहीं देखा जा सकता, वे अपारदर्शी सामग्री कहलाती हैं। जैसे लकड़ी, गत्ता और धातु।

13. पारदर्शी और पारभासी सामग्री में क्या अंतर है?

उत्तर: पारदर्शी सामग्री के आर-पार वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं, जबकि पारभासी सामग्री के आर-पार वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं।

14. पारभासी और अपारदर्शी सामग्री में क्या अंतर है?

उत्तर: पारभासी सामग्री से कुछ प्रकाश गुजर सकता है, जबकि अपारदर्शी सामग्री से प्रकाश आर-पार नहीं गुजरता।

15. जल में घुलनशील सामग्री क्या होती है?

उत्तर: जो सामग्री जल में मिलकर पूरी तरह घुल जाती है और अलग से दिखाई नहीं देती, वह जल में घुलनशील सामग्री कहलाती है। जैसे चीनी और नमक।

16. जल में अघुलनशील सामग्री क्या होती है?

उत्तर: जो सामग्री जल में नहीं घुलती और जल में अलग दिखाई देती रहती है, वह अघुलनशील सामग्री कहलाती है। जैसे रेत और लकड़ी का बुरादा।

17. क्या जल में घुलने वाली सामग्री हमेशा दिखाई देती है?

उत्तर: नहीं। जो सामग्री जल में पूरी तरह घुल जाती है, वह अलग से दिखाई नहीं देती, लेकिन वह जल में मौजूद रहती है।

18. चीनी को जल में डालने पर क्या होता है?

उत्तर: चीनी जल में घुल जाती है। थोड़ी देर बाद वह अलग दिखाई नहीं देती, लेकिन जल में चीनी मौजूद रहती है।

19. रेत को जल में डालने पर क्या होता है?

उत्तर: रेत जल में नहीं घुलती। वह अलग दिखाई देती रहती है और कुछ समय बाद नीचे बैठ सकती है।

20. द्रव्य किसे कहते हैं?

उत्तर: जो स्थान घेरता है और जिसका द्रव्यमान होता है, उसे द्रव्य कहते हैं। जल, वायु, लकड़ी और पत्थर इसके उदाहरण हैं।

21. द्रव्यमान क्या है?

उत्तर: किसी वस्तु में उपस्थित द्रव्य की मात्रा के मापन को द्रव्यमान कहते हैं। द्रव्यमान को सामान्यतः ग्राम और किलोग्राम में मापा जाता है।

22. द्रव्यमान की सामान्य इकाइयाँ कौन-सी हैं?

उत्तर: द्रव्यमान की सामान्य इकाइयाँ ग्राम (g) और किलोग्राम (kg) हैं।

23. आयतन किसे कहते हैं?

उत्तर: किसी वस्तु या द्रव्य द्वारा घेरे गए स्थान को उसका आयतन कहते हैं।

24. द्रवों का आयतन किसमें मापा जाता है?

उत्तर: द्रवों का आयतन सामान्यतः लीटर (L) और मिलीलीटर (mL) में मापा जाता है।

25. द्रव्य के दो प्रमुख गुण क्या हैं?

उत्तर: द्रव्य के दो प्रमुख गुण हैं—

  1. यह स्थान घेरता है।
  2. इसका द्रव्यमान होता है।

26. एक ही वस्तु अलग-अलग सामग्रियों से क्यों बनाई जा सकती है?

उत्तर: क्योंकि अलग-अलग सामग्रियों में अलग-अलग गुण होते हैं। वस्तु के उपयोग के अनुसार उपयुक्त गुण वाली सामग्री चुनी जाती है। उदाहरण के लिए, कुर्सी लकड़ी, धातु या प्लास्टिक से बनाई जा सकती है।

27. खिड़की के शीशे के लिए पारदर्शी सामग्री का उपयोग क्यों किया जाता है?

उत्तर: क्योंकि पारदर्शी काँच के आर-पार देखा जा सकता है और प्रकाश भी कमरे में प्रवेश कर सकता है।

28. पानी रखने के लिए काँच या प्लास्टिक के पात्र क्यों बनाए जाते हैं?

उत्तर: काँच और उपयुक्त प्लास्टिक पानी को रखने के लिए उपयोगी होते हैं। पारदर्शी पात्र होने पर अंदर रखे पानी को भी आसानी से देखा जा सकता है।

29. सामग्री के गुणों का हमारे दैनिक जीवन में क्या महत्व है?

उत्तर: सामग्री के गुणों के आधार पर ही हम किसी कार्य के लिए उचित सामग्री चुनते हैं। जैसे खिड़की के लिए पारदर्शी काँच, फर्नीचर के लिए मजबूत सामग्री और कुछ वस्तुओं के लिए जलरोधी सामग्री चुनी जाती है।

30. किसी वस्तु के लिए सामग्री का चुनाव करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: सामग्री का चुनाव करते समय उसके गुणों और वस्तु के उपयोग को ध्यान में रखना चाहिए। जैसे उसकी कठोरता, मजबूती, चमक, पारदर्शिता, जल में घुलनशीलता तथा टिकाऊपन आदि।

अतिरिक्त दीर्घ प्रश्नोत्तर

1. सामग्री का वर्गीकरण क्या है? यह हमारे लिए उपयोगी क्यों है?

उत्तर:
समान गुणों वाली सामग्रियों को अलग-अलग समूहों में बाँटने की प्रक्रिया को सामग्री का वर्गीकरण कहते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ सामग्रियाँ चमकदार होती हैं, जबकि कुछ चमकहीन; कुछ कठोर होती हैं, जबकि कुछ नरम।

सामग्री का वर्गीकरण हमारे लिए उपयोगी है क्योंकि—

  1. इससे सामग्रियों के गुणों का अध्ययन आसानी से किया जा सकता है।
  2. समान गुणों वाली सामग्रियों को एक साथ समझना आसान होता है।
  3. किसी विशेष कार्य के लिए उपयुक्त सामग्री चुनने में सहायता मिलती है।
  4. विभिन्न सामग्रियों की तुलना करना आसान हो जाता है।

पुस्तक में बताया गया है कि समूह बनाना इसलिए उपयोगी है क्योंकि इससे सामग्रियों के गुणों का अध्ययन और अवलोकन करने में सहायता मिलती है।

2. द्युतिमय और द्युतिहीन सामग्रियों में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:
जिन सामग्रियों की सतह सामान्यतः चमकदार होती है, उन्हें द्युतिमय या चमकदार सामग्री कहते हैं। लोहा, ताँबा, जस्ता, ऐलमिनियम और सोना इसके उदाहरण हैं।

जिन सामग्रियों की सतह चमकदार नहीं होती, उन्हें द्युतिहीन या चमकहीन सामग्री कहते हैं। कागज, लकड़ी, रबर और जूट इसके उदाहरण हैं।

कुछ धातुएँ वायु और नमी के प्रभाव से अपनी चमक खो सकती हैं और मलिन दिखाई देने लगती हैं। इसलिए किसी धातु की ताजी कटी हुई सतह पर उसकी चमक अधिक स्पष्ट दिखाई दे सकती है।

3. कठोर और नरम सामग्रियों को उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:
सामग्रियों को उनकी कठोरता के आधार पर कठोर और नरम समूहों में बाँटा जा सकता है।

जिन सामग्रियों को दबाना या खरोंचना कठिन होता है, वे कठोर सामग्री कहलाती हैं। लोहा और पत्थर कठोर सामग्रियों के उदाहरण हैं।

जिन सामग्रियों को आसानी से दबाया या खरोंचा जा सकता है, वे नरम सामग्री कहलाती हैं। स्पंज और रबर इसके उदाहरण हैं।

कठोरता एक सापेक्ष गुण है। इसका अर्थ है कि कोई सामग्री एक सामग्री की तुलना में अधिक कठोर और दूसरी की तुलना में कम कठोर हो सकती है।

4. पारदर्शी, पारभासी और अपारदर्शी सामग्रियों को समझाइए।

उत्तर:
आर-पार देखने की क्षमता के आधार पर सामग्रियों को तीन समूहों में बाँटा जाता है—

(1) पारदर्शी:
जिन सामग्रियों के आर-पार वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, वे पारदर्शी कहलाती हैं। जैसे—काँच, जल और वायु।

(2) पारभासी:
जिन सामग्रियों के आर-पार देखा तो जा सकता है, लेकिन वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं, वे पारभासी कहलाती हैं। जैसे—बटर पेपर और फ्रॉस्टेड काँच।

(3) अपारदर्शी:
जिन सामग्रियों के आर-पार देखा नहीं जा सकता, वे अपारदर्शी कहलाती हैं। जैसे—लकड़ी, गत्ता और धातुएँ।

5. पारदर्शी और अपारदर्शी सामग्रियों के दैनिक जीवन में उपयोग समझाइए।

उत्तर:
सामग्री की पारदर्शिता के आधार पर उसका उपयोग किया जाता है।

  • खिड़कियों में पारदर्शी काँच का उपयोग किया जाता है, ताकि बाहर का दृश्य दिखाई दे और प्रकाश अंदर आ सके।
  • काँच के गिलास को पारदर्शी बनाया जा सकता है, जिससे उसके अंदर की वस्तु दिखाई देती है।
  • लकड़ी और धातु जैसी अपारदर्शी सामग्रियों का उपयोग उन वस्तुओं में किया जाता है जहाँ आर-पार देखना आवश्यक नहीं होता।
  • दरवाजे, फर्नीचर और कई अन्य वस्तुओं में अपारदर्शी सामग्री उपयोगी होती है।

इस प्रकार वस्तु के उपयोग के अनुसार सामग्री के गुणों को ध्यान में रखकर उसका चयन किया जाता है।

6. जल में घुलनशील और अघुलनशील सामग्रियों

ताप का SI मात्रक केल्विन (K) है। सेल्सियस ताप को केल्विन में बदलने के लिए—

केल्विन ताप = सेल्सियस ताप + 273.15

उदाहरण के लिए, 37.0 °C = 310.15 K।

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