Study Material  कक्षा 6 – अध्याय 10 : आधारभूत लोकतंत्र – भाग 1 : शासन | Grassroots Democracy – Part 1: Governance

Study Material  कक्षा 6 – अध्याय 10 : आधारभूत लोकतंत्र – भाग 1 : शासन | Grassroots Democracy – Part 1: Governance

सरल एवं विस्तृत सारांश

आधारभूत लोकतंत्र

शासन” में शासन, सरकार और लोकतंत्र की मूल अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाया गया है। इस अध्याय का उद्देश्य विद्यार्थियों को यह बताना है कि किसी भी देश को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए सरकार और शासन की आवश्यकता क्यों होती है, सरकार के विभिन्न अंग कौन-कौन से हैं तथा लोकतंत्र किस प्रकार कार्य करता है।

अध्याय की शुरुआत शासन (Governance) की अवधारणा से होती है। शासन का अर्थ है— देश, राज्य या किसी क्षेत्र का उचित प्रबंधन और संचालन। किसी भी समाज में शांति, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और विकास बनाए रखने के लिए शासन आवश्यक होता है। यदि किसी देश में शासन न हो, तो वहाँ अराजकता फैल सकती है और लोगों का जीवन कठिन हो जाएगा। इसलिए सरकार का मुख्य कार्य जनता के हित में नियम बनाना और उनका पालन कराना है।

सरकार के तीन प्रमुख अंगों का वर्णन किया गया है। पहला अंग विधायिका (Legislature) है, जो कानून बनाती है। दूसरा अंग कार्यपालिका (Executive) है, जो इन कानूनों को लागू करती है और प्रशासन चलाती है। तीसरा अंग न्यायपालिका (Judiciary) है, जो कानूनों की रक्षा करती है, न्याय प्रदान करती है तथा संविधान के अनुसार निर्णय देती है। ये तीनों अंग मिलकर कार्य करते हैं और एक-दूसरे के कार्यों में संतुलन बनाए रखते हैं।

अध्याय में आगे भारत की त्रिस्तरीय शासन व्यवस्था को समझाया गया है। भारत जैसे विशाल देश में केवल एक स्तर की सरकार से सभी लोगों तक प्रभावी ढंग से सेवाएँ पहुँचाना संभव नहीं है। इसलिए भारत में तीन स्तरों पर सरकार कार्य करती है—

संघीय (राष्ट्रीय) सरकार – जो पूरे देश से संबंधित विषयों, जैसे रक्षा, विदेश नीति, मुद्रा आदि का कार्य करती है।
राज्य सरकार – जो राज्य स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पुलिस आदि विषयों का संचालन करती है।
स्थानीय सरकार – जिसमें ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम शामिल हैं। ये स्थानीय समस्याओं जैसे सड़क, पानी, सफाई, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक सुविधाओं का प्रबंधन करती हैं।

इस त्रिस्तरीय व्यवस्था से शासन अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और जनता के निकट बनता है।

अध्याय में इसके बाद लोकतंत्र (Democracy) की अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है। लोकतंत्र शब्द यूनानी (ग्रीक) भाषा के दो शब्दों— ‘डेमोस’ (लोग) और ‘क्रेटोस’ (शासन)— से मिलकर बना है। इसका अर्थ है “लोगों का शासन”। लोकतंत्र वह शासन प्रणाली है जिसमें जनता सर्वोच्च होती है और शासन जनता की इच्छा के अनुसार चलता है। आज विश्व के अधिकांश देशों ने लोकतांत्रिक शासन प्रणाली को अपनाया है।

अध्याय में एक सरल उदाहरण देकर समझाया गया है कि यदि विद्यालय की किसी समस्या को प्रधानाचार्य तक पहुँचाना हो, तो पूरी कक्षा एक साथ नहीं जाती, बल्कि एक प्रतिनिधि या मॉनीटर को चुना जाता है। उसी प्रकार देश में भी करोड़ों लोग स्वयं शासन नहीं कर सकते। इसलिए जनता चुनाव के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों का चयन करती है। राज्य स्तर पर चुने गए प्रतिनिधि विधायक (MLA) तथा राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए प्रतिनिधि सांसद (MP) कहलाते हैं। ये प्रतिनिधि विधान सभा और लोकसभा में कानूनों पर चर्चा करते हैं, जनता की समस्याएँ उठाते हैं और उनके समाधान के लिए कार्य करते हैं।

अध्याय में यह भी बताया गया है कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। वर्ष 2024 के संदर्भ में भारत में लगभग 97 करोड़ मतदाता हैं। भारत के संविधान के अनुसार 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का प्रत्येक भारतीय नागरिक मतदान करने का अधिकार रखता है। मतदान के माध्यम से नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं और लोकतंत्र को सफल बनाते हैं।

लोकतंत्र को समझाने के लिए अध्याय में पिकनिक का उदाहरण दिया गया है। यदि किसी कक्षा को दो स्थानों में से एक स्थान चुनना हो, तो सभी विद्यार्थी अपनी राय देते हैं। जब सभी की सहमति नहीं बनती, तब मतदान कराया जाता है। जिस स्थान के पक्ष में अधिक विद्यार्थी मतदान करते हैं, वही स्थान चुना जाता है। इसे प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy) का उदाहरण कहा गया है, क्योंकि निर्णय लेने में प्रत्येक विद्यार्थी सीधे भाग लेता है।

अध्याय में आधारभूत (धरातलीय) लोकतंत्र की भी चर्चा की गई है। इसका अर्थ है ऐसा लोकतंत्र जिसमें सामान्य नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो। नागरिक केवल मतदान ही नहीं करते, बल्कि स्थानीय समस्याओं पर अपनी राय भी रखते हैं और निर्णय प्रक्रिया में भाग लेते हैं। ग्राम सभा, नगर सभा तथा अन्य स्थानीय संस्थाएँ इसी प्रकार के लोकतंत्र के उदाहरण हैं। इससे शासन अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनता है।

अध्याय के अंत में यह बताया गया है कि सरकार और लोकतंत्र एक-दूसरे के पूरक हैं। सरकार तभी सफल होती है जब वह जनता की आवश्यकताओं को समझकर कार्य करे और जनता भी अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का पालन करे। लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, कानून का सम्मान, आपसी संवाद, सहिष्णुता और जिम्मेदारी भी इसका महत्वपूर्ण भाग हैं।

निष्कर्ष

यह अध्याय हमें सिखाता है कि किसी भी देश के सुचारु संचालन के लिए सरकार, शासन और लोकतंत्र आवश्यक हैं। सरकार के तीनों अंग— विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका— अपने-अपने कार्यों का ईमानदारी से पालन करते हैं। भारत की त्रिस्तरीय शासन व्यवस्था जनता तक शासन को पहुँचाती है, जबकि लोकतंत्र नागरिकों को अपने प्रतिनिधि चुनने और शासन में भाग लेने का अधिकार देता है। एक जागरूक नागरिक के रूप में हमें मतदान करना, कानूनों का पालन करना तथा लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना चाहिए। यही इस अध्याय का मुख्य संदेश है।

पुस्तक के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. लोकतंत्र का क्या अर्थ है? प्रत्यक्ष लोकतंत्र और प्रतिनिधि लोकतंत्र के बीच क्या अंतर है?

उत्तर – लोकतंत्र का अर्थ है “जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए शासन”। लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और शासन जनता की इच्छा के अनुसार चलता है।

प्रत्यक्ष लोकतंत्र और प्रतिनिधि लोकतंत्र में अंतर
प्रत्यक्ष लोकतंत्र प्रतिनिधि लोकतंत्र
जनता स्वयं निर्णय लेती है। जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है।
सभी नागरिक सीधे मतदान करके निर्णय लेते हैं। चुने हुए प्रतिनिधि जनता की ओर से निर्णय लेते हैं।
यह छोटे समूहों में अधिक उपयुक्त है। बड़े देशों में यह व्यवस्था अपनाई जाती है।
उदाहरण – कक्षा में मतदान करके पिकनिक का स्थान चुनना। उदाहरण – भारत में सांसद और विधायक का चुनाव।

प्रश्न 2. सरकार के तीन अंग कौन-से हैं? उनकी अलग-अलग भूमिकाएँ क्या हैं?

उत्तर – सरकार के तीन प्रमुख अंग हैं—

  1. विधायिका (Legislature)
    कानून बनाती है।
    जनता के हितों पर चर्चा करती है।
    सरकार के कार्यों की समीक्षा करती है।
  2. कार्यपालिका (Executive)
    कानूनों को लागू करती है।
    प्रशासन चलाती है।
    सरकारी योजनाओं का संचालन करती है।
  3. न्यायपालिका (Judiciary)
    न्याय प्रदान करती है।
    कानूनों की रक्षा करती है।
    संविधान के अनुसार निर्णय देती है।
    नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है।
    ये तीनों अंग मिलकर देश का शासन सुचारु रूप से चलाते हैं।

प्रश्न 3. भारत के परिप्रेक्ष्य में हमें त्रिस्तरीय सरकार की आवश्यकता क्यों है?

उत्तर – भारत एक विशाल और जनसंख्या की दृष्टि से बहुत बड़ा देश है। इसलिए पूरे देश का शासन केवल एक ही स्तर की सरकार द्वारा प्रभावी ढंग से नहीं चलाया जा सकता। इसी कारण भारत में त्रिस्तरीय सरकार की व्यवस्था की गई है।

संघीय (राष्ट्रीय) सरकार – पूरे देश से जुड़े विषयों का कार्य करती है।
राज्य सरकार – राज्य स्तर के कार्यों का संचालन करती है।
स्थानीय सरकार – गाँव और शहर की स्थानीय समस्याओं का समाधान करती है।

इस व्यवस्था से शासन जनता के निकट पहुँचता है, स्थानीय समस्याओं का शीघ्र समाधान होता है तथा विकास कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकते हैं।

प्रश्न 4. परियोजना – 2019 की कोविड महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में सरकार के विभिन्न स्तरों और अंगों की क्या भूमिका थी?

उत्तर – कोविड-19 महामारी के समय सरकार के सभी स्तरों और अंगों ने मिलकर कार्य किया। सरकार के विभिन्न स्तरों की भूमिका

(1) संघीय (केंद्र) सरकार

देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया।
स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए।
टीकों की व्यवस्था की।
राज्यों को आर्थिक और चिकित्सा सहायता दी।

(2) राज्य सरकार

अस्पतालों की व्यवस्था की।
कोविड जाँच और उपचार की व्यवस्था की।
लॉकडाउन के नियम लागू किए।
मरीजों की देखभाल की।

(3) स्थानीय सरकार

मोहल्लों और गाँवों में सफाई कराई।
आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की।
लोगों को जागरूक किया।
संक्रमित क्षेत्रों की निगरानी की।
सरकार के तीनों अंगों की भूमिका

विधायिका – महामारी से संबंधित नीतियों और नियमों पर चर्चा की।

कार्यपालिका – लॉकडाउन लागू कराया।
पुलिस और प्रशासन के माध्यम से नियमों का पालन करवाया।
स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन किया।

न्यायपालिका

नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की।
आवश्यक मामलों में उचित निर्देश दिए।
कानून के अनुसार न्यायिक निर्णय दिए।

इस प्रकार कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार के सभी स्तरों और तीनों अंगों ने मिलकर देश की सुरक्षा और जनता की सहायता का कार्य किया।

अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर (परीक्षा उपयोगी)

प्रश्न 1. शासन (Governance) क्या है?

उत्तर – शासन वह व्यवस्था है जिसके द्वारा सरकार देश का संचालन करती है तथा कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करती है।

प्रश्न 2. सरकार क्यों आवश्यक है?

उत्तर – सरकार कानून बनाती है, उन्हें लागू करती है, न्याय दिलाती है तथा देश में शांति, सुरक्षा और विकास बनाए रखती है।

प्रश्न 3. आधुनिक सरकार के तीन अंग कौन-से हैं?

उत्तर –

विधायिका
कार्यपालिका
न्यायपालिका

प्रश्न 4. विधायिका का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर – विधायिका का मुख्य कार्य कानून बनाना तथा जनता के हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करना है।

प्रश्न 5. कार्यपालिका का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर – कार्यपालिका कानूनों को लागू करती है और शासन-प्रशासन का संचालन करती है।

प्रश्न 6. न्यायपालिका का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर – न्यायपालिका न्याय प्रदान करती है, संविधान की रक्षा करती है तथा कानूनों की व्याख्या करती है।

प्रश्न 7. भारत में सरकार कितने स्तरों पर कार्य करती है?

उत्तर – भारत में सरकार तीन स्तरों पर कार्य करती है—संघीय (राष्ट्रीय), राज्य और स्थानीय स्तर।

प्रश्न 8. संघीय (राष्ट्रीय) सरकार किन विषयों का कार्य करती है?

उत्तर – रक्षा, विदेश नीति, मुद्रा, रेल और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों का कार्य करती है।

प्रश्न 9. राज्य सरकार किन विषयों की देखभाल करती है?

उत्तर – शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पुलिस तथा राज्य के विकास से जुड़े कार्य करती है।

प्रश्न 10. स्थानीय सरकार का क्या कार्य है?

उत्तर – सड़क, पानी, सफाई, स्ट्रीट लाइट, नालियाँ और स्थानीय विकास कार्यों की व्यवस्था करना।

प्रश्न 11. लोकतंत्र क्या है?

उत्तर – लोकतंत्र ऐसी शासन व्यवस्था है जिसमें जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और शासन जनता की इच्छा के अनुसार चलता है।

प्रश्न 12. भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र क्यों कहा जाता है?

उत्तर – क्योंकि भारत में करोड़ों मतदाता लोकतांत्रिक चुनावों में भाग लेते हैं। वर्ष 2024 में लगभग 97 करोड़ मतदाता थे।

प्रश्न 13. भारत में मतदान का अधिकार किसे प्राप्त है?

उत्तर – 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रत्येक भारतीय नागरिक को मतदान का अधिकार प्राप्त है।

प्रश्न 14. मतदान (Voting) क्या है?

उत्तर – मतदान वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा नागरिक अपने प्रतिनिधियों या किसी निर्णय के पक्ष में अपना मत देते हैं।

प्रश्न 15. प्रत्यक्ष लोकतंत्र क्या है?

उत्तर – जिस व्यवस्था में नागरिक स्वयं निर्णय लेते हैं, उसे प्रत्यक्ष लोकतंत्र कहते हैं।

प्रश्न 16. प्रतिनिधि लोकतंत्र क्या है?

उत्तर – जिस व्यवस्था में जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और वे जनता की ओर से शासन चलाते हैं, उसे प्रतिनिधि लोकतंत्र कहते हैं।

प्रश्न 17. विधायक (MLA) कौन होता है?

उत्तर – राज्य विधानसभा के लिए जनता द्वारा चुना गया प्रतिनिधि विधायक कहलाता है।

प्रश्न 18. सांसद (MP) कौन होता है?

उत्तर – लोकसभा या राज्यसभा में जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला चुना हुआ प्रतिनिधि सांसद कहलाता है।

प्रश्न 19. लोकतंत्र में चुनाव क्यों आवश्यक हैं?

उत्तर – चुनावों के माध्यम से जनता अपने प्रतिनिधियों का चयन करती है और शासन में भागीदारी सुनिश्चित करती है।

प्रश्न 20. आधारभूत (धरातलीय) लोकतंत्र क्या है?

उत्तर – ऐसी लोकतांत्रिक व्यवस्था जिसमें सामान्य नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाता है।

प्रश्न 21. लोकतंत्र में नागरिकों की क्या भूमिका होती है?

उत्तर – मतदान करना, कानूनों का पालन करना, अपने अधिकारों और कर्तव्यों का निर्वाह करना तथा जनहित के कार्यों में भाग लेना।

प्रश्न 22. सरकार और शासन में क्या अंतर है?

उत्तर – सरकार शासन चलाने वाली संस्था है, जबकि शासन देश के प्रशासन और प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया है।

प्रश्न 23. त्रिस्तरीय सरकार का एक लाभ लिखिए।

उत्तर – इससे स्थानीय समस्याओं का शीघ्र समाधान होता है और प्रशासन अधिक प्रभावी बनता है।

प्रश्न 24. कानून बनाने का अधिकार किसके पास होता है?

उत्तर – विधायिका के पास।

प्रश्न 25. न्याय देने का कार्य कौन करता है?

उत्तर – न्यायपालिका।

प्रश्न 26. कानून लागू करने का कार्य कौन करता है?

उत्तर – कार्यपालिका।

प्रश्न 27. लोकतंत्र की सफलता किस पर निर्भर करती है?

उत्तर – जागरूक नागरिकों, निष्पक्ष चुनाव, कानून के पालन और जनता की सक्रिय भागीदारी पर।

प्रश्न 28. मतदान क्यों करना चाहिए?

उत्तर – मतदान लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इससे योग्य प्रतिनिधियों का चुनाव होता है और मजबूत सरकार बनती है।

प्रश्न 29. इस अध्याय से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

उत्तर – हमें लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना चाहिए, मतदान करना चाहिए और एक जिम्मेदार नागरिक बनना चाहिए।

प्रश्न 30. भारत में लोकतंत्र का क्या महत्व है?

उत्तर – लोकतंत्र नागरिकों को समान अधिकार, स्वतंत्रता, न्याय और शासन में भागीदारी का अवसर देता है। यही भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता है।

अतरिक्त दीर्घ प्रश्नोत्तर लिखो (परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण)

प्रश्न 1. शासन क्या है? किसी देश के लिए शासन क्यों आवश्यक है?

उत्तर – शासन वह व्यवस्था है जिसके माध्यम से सरकार किसी देश या राज्य का संचालन करती है। शासन का मुख्य उद्देश्य देश में शांति, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विकास बनाए रखना है।

यदि किसी देश में शासन न हो, तो वहाँ अराजकता फैल जाएगी और लोगों का जीवन असुरक्षित हो जाएगा। शासन लोगों के अधिकारों की रक्षा करता है, कानूनों का पालन करवाता है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराता है। इसलिए किसी भी देश की उन्नति और नागरिकों के सुखी जीवन के लिए शासन अत्यंत आवश्यक है।

प्रश्न 2. सरकार के तीनों अंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।

उत्तर – आधुनिक सरकार के तीन प्रमुख अंग होते हैं—

  1. विधायिका (Legislature)
    कानून बनाती है।
    जनता की समस्याओं पर चर्चा करती है।
    सरकार के कार्यों की समीक्षा करती है।
  2. कार्यपालिका (Executive)

कानूनों को लागू करती है।
प्रशासन चलाती है।
सरकारी योजनाओं का संचालन करती है।
देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखती है।

  1. न्यायपालिका (Judiciary)
    नागरिकों को न्याय देती है।
    संविधान की रक्षा करती है।
    कानूनों की व्याख्या करती है।
    लोगों के अधिकारों की रक्षा करती है।
    ये तीनों अंग मिलकर देश का सुचारु संचालन करते हैं और लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं।

प्रश्न 3. भारत में त्रिस्तरीय सरकार की आवश्यकता क्यों है? समझाइए।

उत्तर – भारत क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से बहुत बड़ा देश है। इसलिए पूरे देश का शासन केवल एक ही स्तर की सरकार द्वारा प्रभावी ढंग से नहीं चलाया जा सकता। इसी कारण भारत में त्रिस्तरीय सरकार की व्यवस्था की गई है।

संघीय (राष्ट्रीय) सरकार पूरे देश से जुड़े विषयों जैसे रक्षा, विदेश नीति और मुद्रा का कार्य करती है।
राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पुलिस जैसे विषयों का संचालन करती है।
स्थानीय सरकार गाँव और शहर की स्थानीय समस्याओं जैसे सड़क, पानी, सफाई और प्रकाश व्यवस्था का समाधान करती है।
इस व्यवस्था से प्रशासन अधिक प्रभावी बनता है, जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान होता है तथा विकास कार्य तेजी से पूरे किए जा सकते हैं।

प्रश्न 4. लोकतंत्र क्या है? इसकी प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर – लोकतंत्र वह शासन प्रणाली है जिसमें जनता सर्वोच्च होती है। जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और वे जनता की ओर से शासन चलाते हैं।

लोकतंत्र की प्रमुख विशेषताएँ—

जनता सर्वोच्च होती है।
सभी वयस्क नागरिकों को मतदान का अधिकार प्राप्त होता है।
समय-समय पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होते हैं।
सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त होते हैं।
कानून का शासन होता है।
नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिलती है।
सरकार जनता के प्रति उत्तरदायी होती है।

लोकतंत्र नागरिकों को शासन में भाग लेने का अवसर देता है तथा देश के विकास में उनकी भूमिका सुनिश्चित करता है।

प्रश्न 5. प्रत्यक्ष लोकतंत्र और प्रतिनिधि लोकतंत्र में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर – लोकतंत्र मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है— प्रत्यक्ष लोकतंत्र और प्रतिनिधि लोकतंत्र।

प्रत्यक्ष लोकतंत्र में नागरिक स्वयं निर्णय लेते हैं। इसमें सभी लोग सीधे मतदान करके किसी विषय पर अपना मत देते हैं। छोटे समूहों में यह व्यवस्था अधिक उपयुक्त होती है।

प्रतिनिधि लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है। चुने हुए प्रतिनिधि जनता की ओर से कानून बनाते हैं और शासन चलाते हैं। भारत इसी प्रकार का लोकतांत्रिक देश है।

इस प्रकार छोटे क्षेत्रों में प्रत्यक्ष लोकतंत्र और बड़े देशों में प्रतिनिधि लोकतंत्र अधिक उपयोगी माना जाता है।

प्रश्न 6. भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र क्यों कहा जाता है?

उत्तर – भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है क्योंकि यहाँ बहुत बड़ी संख्या में नागरिक लोकतांत्रिक चुनावों में भाग लेते हैं। वर्ष 2024 के अनुसार भारत में लगभग 97 करोड़ मतदाता हैं।

भारत का प्रत्येक नागरिक जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है, मतदान कर सकता है। नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं और वही प्रतिनिधि संसद तथा विधानसभाओं में जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं।

नियमित चुनाव, सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार तथा जनता की सक्रिय भागीदारी भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाती है।

प्रश्न 7. लोकतंत्र में मतदान का क्या महत्व है?

उत्तर – मतदान लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके माध्यम से नागरिक अपनी पसंद के योग्य प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। मतदान से जनता की इच्छा के अनुसार सरकार बनती है। यह नागरिकों का संवैधानिक अधिकार और महत्वपूर्ण कर्तव्य भी है। यदि सभी नागरिक मतदान करें, तो अच्छी और उत्तरदायी सरकार का गठन होता है। मतदान लोकतंत्र को मजबूत बनाता है और नागरिकों को शासन में भागीदारी का अवसर देता है।

प्रश्न 8. लोकतंत्र में एक आदर्श नागरिक के कर्तव्यों का वर्णन कीजिए।

उत्तर – लोकतंत्र की सफलता जागरूक नागरिकों पर निर्भर करती है। एक आदर्श नागरिक के प्रमुख कर्तव्य हैं—

मतदान करना।
संविधान और कानूनों का पालन करना।
दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना।
सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना।
पर्यावरण की सुरक्षा करना।
करों का ईमानदारी से भुगतान करना।
राष्ट्रीय एकता और भाईचारा बनाए रखना।
देश के विकास कार्यों में सहयोग देना।
जब नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं, तभी लोकतंत्र सफल और मजबूत बनता है।

प्रश्न 9. सरकार और लोकतंत्र का आपस में क्या संबंध है?

उत्तर – सरकार और लोकतंत्र एक-दूसरे के पूरक हैं। लोकतंत्र वह व्यवस्था है जिसके माध्यम से जनता सरकार का चुनाव करती है। सरकार जनता की इच्छाओं और आवश्यकताओं के अनुसार कार्य करती है।

लोकतंत्र सरकार को उत्तरदायी बनाता है, जबकि सरकार कानून बनाकर और उन्हें लागू करके देश का विकास करती है। यदि सरकार और जनता दोनों अपने-अपने कर्तव्यों का पालन करें, तो लोकतंत्र सफल होता है और देश निरंतर प्रगति करता है।

प्रश्न 10. इस अध्याय से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

उत्तर – यह अध्याय हमें सिखाता है कि शासन और लोकतंत्र किसी भी देश की उन्नति के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। सरकार के तीनों अंग—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—अपने-अपने कार्यों का ईमानदारी से पालन करते हैं।

हमें एक जागरूक नागरिक बनकर मतदान करना चाहिए, संविधान और कानूनों का सम्मान करना चाहिए तथा देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करके ही हम एक मजबूत, न्यायपूर्ण और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं।


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