कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 7 :   ताप एवं उसका मापन | Temperature and Its Measurement

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कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 7 :   ताप एवं उसका मापन | Temperature and Its Measurement

हम अपने दैनिक जीवन में अनेक वस्तुओं को गरम या ठंडा अनुभव करते हैं। उदाहरण के लिए, गर्मियों में नल का पानी मटके या रेफ्रिजरेटर के पानी की तुलना में अधिक गरम हो सकता है। हम सामान्यतः किसी वस्तु की गरमाहट या ठंडक का अनुमान उसे छूकर लगाते हैं, लेकिन केवल स्पर्श के आधार पर हमेशा सही निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। पुस्तक में दिए गए क्रियाकलाप से यह स्पष्ट होता है कि एक ही पानी को एक हाथ गरम और दूसरा हाथ ठंडा अनुभव कर सकता है। इसलिए किसी वस्तु के गरम या ठंडे होने का विश्वसनीय मापन करने के लिए तापमापी की आवश्यकता होती है।

ताप क्या है?

किसी पिंड की गरमाहट या ठंडक का विश्वसनीय माप ताप कहलाता है। किसी गरम पिंड का ताप किसी ठंडे पिंड के ताप से अधिक होता है। दो पिंडों के तापों में अंतर से पता चलता है कि एक पिंड दूसरे की तुलना में कितना अधिक गरम या ठंडा है।

ताप मापने वाले उपकरण को तापमापी या थर्मामीटर कहते हैं। तापमापियों का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इस अध्याय में मुख्य रूप से डॉक्टरी थर्मामीटर और प्रयोगशाला तापमापी के बारे में बताया गया है।

डॉक्टरी थर्मामीटर

मानव शरीर का ताप मापने के लिए डॉक्टरी थर्मामीटर या ज्वरमापी का उपयोग किया जाता है। वर्तमान समय में सामान्यतः डिजिटल डॉक्टरी थर्मामीटर का प्रयोग किया जाता है। यह बैटरी से चलता है और शरीर के संपर्क में आने पर ताप को अंक के रूप में प्रदर्शित करता है।

पहले शरीर का ताप मापने के लिए पारे वाले थर्मामीटर का उपयोग किया जाता था। पारा विषैला होता है और थर्मामीटर टूट जाने पर उसके उचित निपटान में कठिनाई होती है। इसलिए डिजिटल थर्मामीटर अधिक उपयोग किए जा रहे हैं। डिजिटल थर्मामीटर में ताप का निर्धारण ऊष्मा-संवेदकों द्वारा किया जाता है।

डिजिटल थर्मामीटर का उपयोग करते समय स्वच्छता का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। उसके अग्रभाग को उपयोग से पहले और बाद में साबुन तथा जल से साफ करना चाहिए। थर्मामीटर के निर्देशों को पढ़कर ही उसका उपयोग करना चाहिए।

स्वस्थ वयस्क मानव शरीर का सामान्य ताप लगभग 37.0 °C माना जाता है। यह 98.6 °F के बराबर है। हालांकि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति का ताप बिल्कुल 37.0 °C होना आवश्यक नहीं है। शरीर का ताप उम्र, दिन के समय और व्यक्ति की गतिविधि जैसे अनेक कारकों पर निर्भर कर सकता है।

ताप के मापक्रम

ताप को व्यक्त करने के लिए मुख्य रूप से तीन मापक्रमों का उल्लेख किया गया है—

  1. सेल्सियस स्केल – इसकी इकाई डिग्री सेल्सियस है और इसे °C से दर्शाते हैं।
  2. फारेनहाइट स्केल – इसकी इकाई डिग्री फारेनहाइट है और इसे °F से दर्शाते हैं।
  3. केल्विन स्केल – इसकी इकाई केल्विन है और इसे K से दर्शाते हैं।

ताप का SI मात्रक केल्विन (K) है। सेल्सियस ताप को केल्विन में बदलने के लिए—

केल्विन ताप = सेल्सियस ताप + 273.15

उदाहरण के लिए, 37.0 °C = 310.15 K।

प्रयोगशाला तापमापी

प्रयोगशाला में विभिन्न पदार्थों और द्रवों का ताप मापने के लिए प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग किया जाता है। यह सामान्यतः काँच की एक लंबी और संकरी नली होती है। इसके एक सिरे पर बल्ब होता है, जिसमें द्रव भरा रहता है। ताप बदलने पर नली के अंदर द्रव का स्तर ऊपर या नीचे होता है। द्रव के ऊपरी स्तर के सामने बने स्केल के चिह्न से ताप का पाठ्यांक पढ़ा जाता है।

पुस्तक में दिए गए उदाहरण प्रयोगशाला तापमापी का ताप-परिसर -10 °C से 110 °C है। अलग-अलग तापमापियों का ताप-परिसर और सबसे छोटे भाग का मान अलग हो सकता है। इसलिए प्रयोग से पहले तापमापी को ध्यानपूर्वक देखना आवश्यक है।

प्रयोगशाला तापमापी से ताप मापने की सही विधि

प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए—

  • तापमापी का बल्ब उस द्रव में पूरी तरह डूबा होना चाहिए जिसका ताप मापा जा रहा है।
  • बल्ब पात्र की तली या दीवार को नहीं छूना चाहिए।
  • तापमापी को सीधा अर्थात् ऊर्ध्वाधर रखना चाहिए।
  • ताप पढ़ते समय आँख की स्थिति द्रव-स्तंभ के ऊपरी स्तर के बराबर होनी चाहिए।
  • तापमापी को द्रव से बाहर निकालने के बाद पाठ्यांक नहीं पढ़ना चाहिए, क्योंकि बाहर निकालते ही द्रव-स्तंभ का स्तर बदल सकता है।

प्रयोगशाला तापमापी काँच का होने के कारण सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए। इसे कठोर वस्तु से टकराने से बचाना चाहिए और बल्ब से पकड़कर नहीं उठाना चाहिए।

बर्फ और उबलते जल का ताप

अध्याय में प्रयोग द्वारा बताया गया है कि जब पानी उबल रहा होता है तो उसका ताप स्थिर रहता है। इसी प्रकार जब बर्फ पिघल रही होती है तब उसका ताप भी स्थिर रहता है। इन घटनाओं को प्रयोगशाला तापमापी से देखा जा सकता है।

वायु का ताप

वायु का ताप मौसम से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण माप है। आपने मौसम की रिपोर्ट में किसी स्थान का अधिकतम और न्यूनतम वायु तापमान देखा होगा। मौसम कई कारकों पर निर्भर करता है, इसलिए वायु का ताप प्रतिदिन बदल सकता है। सामान्यतः गर्मी का मौसम पास आने पर ताप बढ़ता है और सर्दी का मौसम आने पर ताप घटता है।

कक्ष के ताप को लगभग जानने के लिए कक्ष-तापमापी का उपयोग किया जाता है। मौसम स्टेशनों पर वायु के तापमान को नियमित रूप से मापा जाता है। इस आँकड़े का उपयोग मौसम के पूर्वानुमान सहित कई कार्यों में किया जाता है।

वैज्ञानिक अन्ना मणि

अध्याय में भारतीय वैज्ञानिक अन्ना मणि (1918–2001) का परिचय भी दिया गया है। उन्हें ‘भारत की मौसम विदुषी’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने मौसम मापन से संबंधित अनेक उपकरणों के विकास और निर्माण में योगदान दिया तथा पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा की संभावनाओं पर भी कार्य किया।

निष्कर्ष

इस अध्याय से हमें पता चलता है कि केवल स्पर्श से ताप का सही अनुमान हमेशा नहीं लगाया जा सकता। ताप का विश्वसनीय मापन तापमापी द्वारा किया जाता है। मानव शरीर के लिए डॉक्टरी थर्मामीटर और विभिन्न प्रयोगों के लिए प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग किया जाता है। ताप को सेल्सियस, फारेनहाइट और केल्विन मापक्रमों में व्यक्त किया जाता है, जिनमें केल्विन ताप का SI मात्रक है। तापमापी का सही उपयोग करने के लिए उसकी मापन-सीमा, छोटे भाग का मान और मापन की सही विधि जानना आवश्यक है। वायु का ताप मौसम को समझने और मौसम के पूर्वानुमान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अध्याय 7 – ताप एवं उसका मापन

अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

1. ताप क्या है?

उत्तर: किसी वस्तु की गरमाहट या ठंडापन बताने वाली भौतिक राशि को ताप कहते हैं।

2. तापमान किसे कहते हैं?

उत्तर: किसी वस्तु के गरम या ठंडे होने की मात्रा को तापमान कहते हैं। तापमान से हमें पता चलता है कि कोई वस्तु कितनी गरम या ठंडी है।

3. क्या केवल स्पर्श करके किसी वस्तु का सही ताप पता लगाया जा सकता है?

उत्तर: नहीं। केवल स्पर्श के आधार पर ताप का सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

4. स्पर्श द्वारा ताप का अनुमान विश्वसनीय क्यों नहीं है?

उत्तर: हमारी त्वचा एक ही वस्तु को अलग-अलग परिस्थितियों में अलग महसूस कर सकती है। इसलिए स्पर्श से ताप का सही मापन नहीं किया जा सकता।

5. ताप को मापने के लिए किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है?

उत्तर: ताप को मापने के लिए तापमापी (थर्मामीटर) का प्रयोग किया जाता है।

6. तापमापी का क्या कार्य है?

उत्तर: तापमापी किसी वस्तु या पदार्थ के तापमान को मापने का कार्य करता है।

7. तापमापियों के दो प्रमुख प्रकार कौन-से हैं?

उत्तर:

  1. डॉक्टरी तापमापी (Clinical Thermometer)
  2. प्रयोगशाला तापमापी (Laboratory Thermometer)

8. डॉक्टरी तापमापी का उपयोग किस लिए किया जाता है?

उत्तर: डॉक्टरी तापमापी का उपयोग मानव शरीर का तापमान मापने के लिए किया जाता है।

9. प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग किस लिए किया जाता है?

उत्तर: प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग विभिन्न पदार्थों और प्रयोगों में तापमान मापने के लिए किया जाता है।

10. डिजिटल तापमापी क्या है?

उत्तर: डिजिटल तापमापी ऐसा तापमापी है जिसमें तापमान का मान डिजिटल डिस्प्ले पर दिखाई देता है। इसमें ताप को मापने के लिए ऊष्मा-संवेदक (हीट सेंसर) का प्रयोग किया जाता है।

11. पारे वाले तापमापी के स्थान पर डिजिटल तापमापी का उपयोग क्यों बढ़ा है?

उत्तर: पारा विषैला होता है। तापमापी टूटने पर पारा स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकता है। डिजिटल तापमापी में यह जोखिम नहीं होता और उसका पाठ्यांक पढ़ना भी आसान होता है।

12. मानव शरीर का सामान्य ताप लगभग कितना माना जाता है?

उत्तर: स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य ताप लगभग 37.0 °C माना जाता है।

13. 37.0 °C फारेनहाइट में कितना होता है?

उत्तर: 37.0 °C = 98.6 °F

14. क्या प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति का शरीर का ताप ठीक 37.0 °C होता है?

उत्तर: नहीं। 37.0 °C एक औसत सामान्य ताप है। स्वस्थ व्यक्तियों के तापमान में थोड़ा अंतर हो सकता है।

15. शरीर के तापमान में किन कारणों से अंतर हो सकता है?

उत्तर: शरीर के तापमान में आयु, दिन का समय और गतिविधि के स्तर के कारण अंतर हो सकता है।

16. ताप मापने के तीन प्रमुख मापक्रम कौन-से हैं?

उत्तर:

  1. सेल्सियस मापक्रम (°C)
  2. फारेनहाइट मापक्रम (°F)
  3. केल्विन मापक्रम (K)

17. ताप का SI मात्रक क्या है?

उत्तर: ताप का SI मात्रक केल्विन (K) है।

18. सेल्सियस और केल्विन के बीच क्या संबंध है?

उत्तर:
केल्विन = सेल्सियस + 273.15

उदाहरण:
0 °C = 273.15 K

19. फारेनहाइट मापक्रम की इकाई क्या है?

उत्तर: फारेनहाइट मापक्रम की इकाई डिग्री फारेनहाइट (°F) है।

20. प्रयोगशाला तापमापी की सामान्य मापन सीमा क्या होती है?

उत्तर: पुस्तक में दिए गए प्रयोगशाला तापमापी की मापन सीमा -10 °C से 110 °C है।

21. प्रयोगशाला तापमापी की संरचना कैसी होती है?

उत्तर: प्रयोगशाला तापमापी काँच की बनी एक लंबी और पतली समान चौड़ाई वाली नली होती है। इसके एक सिरे पर बल्ब होता है, जिसमें ताप के अनुसार फैलने-सिकुड़ने वाला द्रव भरा होता है।

22. प्रयोगशाला तापमापी में द्रव-स्तंभ ऊपर-नीचे क्यों होता है?

उत्तर: तापमान बदलने पर तापमापी के अंदर का द्रव फैलता या सिकुड़ता है। इसी कारण द्रव-स्तंभ ऊपर या नीचे होता है।

23. प्रयोगशाला तापमापी में कौन-से द्रव प्रयोग किए जा सकते हैं?

उत्तर: प्रयोगशाला तापमापी में अल्कोहल या पारा जैसे द्रव का प्रयोग किया जा सकता है। अल्कोहल को प्रायः लाल रंग का दिखाया जाता है।

24. प्रयोगशाला तापमापी से ताप मापते समय बल्ब को पात्र की तली से क्यों नहीं लगाना चाहिए?

उत्तर: पात्र की तली का ताप पानी या पदार्थ के ताप से अलग हो सकता है। इसलिए बल्ब को तली से स्पर्श कराने पर सही तापमान नहीं मिलेगा।

25. तापमापी को पदार्थ में किस स्थिति में रखना चाहिए?

उत्तर: तापमापी को सामान्यतः सीधा और ऊर्ध्वाधर रखना चाहिए तथा उसका बल्ब पदार्थ में पूरी तरह डूबा होना चाहिए।

26. तापमापी का पाठ्यांक लेते समय आँखों की स्थिति कैसी होनी चाहिए?

उत्तर: आँखों को द्रव-स्तंभ के ऊपरी सिरे के समान स्तर पर रखना चाहिए। इससे पाठ्यांक सही पढ़ा जा सकता है।

27. प्रयोगशाला तापमापी को पदार्थ से निकालने के बाद पाठ्यांक क्यों नहीं लेना चाहिए?

उत्तर: पदार्थ से बाहर निकालने पर तापमापी के अंदर का द्रव-स्तंभ तेजी से बदल सकता है। इसलिए पाठ्यांक बल्ब के पदार्थ में डूबे रहने के दौरान लेना चाहिए।

28. उबलते पानी का तापमान उबलने के दौरान स्थिर क्यों रहता है?

उत्तर: पुस्तक में बताया गया है कि उबलते पानी के उबलने के दौरान उसका तापमान स्थिर रहता है।

29. बर्फ के पिघलने के दौरान उसके तापमान के बारे में क्या देखा जाता है?

उत्तर: बर्फ के पिघलने के दौरान उसका तापमान स्थिर रहता है

30. मौसम के पूर्वानुमान में वायु के तापमान का क्या महत्व है?

उत्तर: मौसम केंद्रों पर वायु के तापमान की निगरानी की जाती है। तापमान तथा अन्य मौसम संबंधी आँकड़ों का उपयोग मौसम का पूर्वानुमान लगाने में किया जाता है।

अध्याय 7 – ताप एवं उसका मापन

दीर्घ अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

1. ताप क्या है? ताप को मापना क्यों आवश्यक है?

उत्तर:
किसी वस्तु की गरमाहट या ठंडापन उसके ताप से निर्धारित किया जाता है। केवल स्पर्श करके किसी वस्तु के ताप का सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि अलग-अलग परिस्थितियों में एक ही वस्तु हमें अलग-अलग गरम या ठंडी महसूस हो सकती है। इसलिए ताप का सही मापन आवश्यक है।

ताप को मापने के लिए तापमापी (थर्मामीटर) का प्रयोग किया जाता है। तापमापी से किसी वस्तु, पदार्थ या मानव शरीर के तापमान का संख्यात्मक मान प्राप्त किया जा सकता है।


2. डॉक्टरी तापमापी और प्रयोगशाला तापमापी में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

डॉक्टरी तापमापी:

  1. इसका उपयोग मानव शरीर का ताप मापने के लिए किया जाता है।
  2. इससे शरीर के तापमान की जाँच की जाती है।
  3. डिजिटल डॉक्टरी तापमापी में तापमान डिजिटल डिस्प्ले पर दिखाई देता है।

प्रयोगशाला तापमापी:

  1. इसका उपयोग प्रयोगशाला में विभिन्न पदार्थों का ताप मापने के लिए किया जाता है।
  2. इसका सामान्य मापन क्षेत्र −10 °C से 110 °C तक होता है।
  3. इससे पानी तथा अन्य पदार्थों के तापमान को प्रयोगों के दौरान मापा जा सकता है।

इस प्रकार दोनों तापमापियों का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है।


3. प्रयोगशाला तापमापी से किसी द्रव का ताप मापने की सही विधि समझाइए।

उत्तर:
प्रयोगशाला तापमापी से द्रव का ताप मापते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए—

  1. तापमापी के बल्ब को द्रव में पूरी तरह डुबाना चाहिए।
  2. बल्ब को पात्र की तली या दीवारों से नहीं छूना चाहिए
  3. तापमापी को सीधा और ऊर्ध्वाधर रखना चाहिए।
  4. पाठ्यांक लेते समय आँखों को द्रव-स्तंभ के ऊपरी सिरे के समान स्तर पर रखना चाहिए।
  5. पाठ्यांक लेते समय तापमापी का बल्ब द्रव में ही डूबा रहना चाहिए।

इन सावधानियों का पालन करने से ताप का मापन अधिक सही ढंग से किया जा सकता है।


4. ताप के विभिन्न मापक्रमों का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
तापमान को मापने के लिए मुख्य रूप से तीन मापक्रमों का प्रयोग किया जाता है—

1. सेल्सियस मापक्रम:
इसे डिग्री सेल्सियस (°C) में व्यक्त किया जाता है।

2. फारेनहाइट मापक्रम:
इसे डिग्री फारेनहाइट (°F) में व्यक्त किया जाता है। मानव शरीर का सामान्य ताप लगभग 98.6 °F या 37.0 °C माना जाता है।

3. केल्विन मापक्रम:
केल्विन ताप का SI मात्रक है और इसे K से दर्शाया जाता है।

इस प्रकार अलग-अलग परिस्थितियों में तापमान को इन मापक्रमों में व्यक्त किया जा सकता है।


5. मानव शरीर के सामान्य तापमान के बारे में विस्तार से लिखिए।

उत्तर:
एक स्वस्थ वयस्क मानव शरीर का सामान्य ताप लगभग 37.0 °C माना जाता है। फारेनहाइट मापक्रम पर यही ताप लगभग 98.6 °F होता है।

हालाँकि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर का ताप बिल्कुल 37.0 °C होना आवश्यक नहीं है। शरीर के तापमान में कुछ अंतर हो सकता है। यह अंतर आयु, दिन के समय और गतिविधि के स्तर जैसे कारणों से हो सकता है।

शरीर का ताप जानने के लिए डॉक्टरी तापमापी का उपयोग किया जाता है। तापमापी का प्रयोग सही ढंग से करने पर शरीर के तापमान का पता लगाया जा सकता है।


6. प्रयोगशाला तापमापी की बनावट और उसकी मापन सीमा समझाइए।

उत्तर:
प्रयोगशाला तापमापी काँच की बनी एक लंबी और पतली नली होती है। इसके एक सिरे पर एक बल्ब होता है। बल्ब के अंदर ताप के अनुसार फैलने और सिकुड़ने वाला द्रव भरा होता है। तापमान बढ़ने पर द्रव फैलता है और नली में ऊपर की ओर चढ़ता है। तापमान घटने पर द्रव नीचे की ओर आता है।

पुस्तक में दिए गए प्रयोगशाला तापमापी की सामान्य मापन सीमा −10 °C से 110 °C है। इसके मापक्रम की सबसे छोटी विभाजन रेखा के आधार पर तापमान पढ़ा जाता है।


7. तापमापी का न्यूनतम मापनीय मान या लघुत्तमांक क्या होता है? इसे उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:
तापमापी के मापक्रम की दो क्रमागत बड़ी रेखाओं के बीच छोटे-छोटे बराबर भाग होते हैं। तापमापी द्वारा मापे जा सकने वाले सबसे छोटे तापांतर को उसकी लघुत्तम मापनीयता या लघुत्तमांक (Least Count) कहा जाता है।

उदाहरण के लिए, यदि 0 °C और 10 °C के बीच 20 बराबर भाग हैं, तो एक भाग का मान होगा—

10 ÷ 20 = 0.5 °C

अर्थात तापमापी का लघुत्तमांक 0.5 °C होगा। छोटे लघुत्तमांक वाला तापमापी तापमान को अधिक सूक्ष्मता से माप सकता है।


8. प्रयोगशाला तापमापी का प्रयोग शरीर का ताप मापने के लिए क्यों नहीं करना चाहिए?

उत्तर:
प्रयोगशाला तापमापी को प्रयोगशाला में विभिन्न पदार्थों का ताप मापने के लिए बनाया गया है। इसे मानव शरीर का ताप मापने के लिए उपयोग नहीं करना चाहिए।

प्रयोगशाला तापमापी का द्रव-स्तंभ तापमापी को शरीर से निकालने पर बदल सकता है। इसलिए शरीर का ताप निकालकर तापमापी को बाहर लाने के बाद सही ढंग से पढ़ना संभव नहीं होगा। मानव शरीर का ताप मापने के लिए डॉक्टरी तापमापी का उपयोग किया जाता है।


9. उबलते पानी और पिघलती बर्फ के तापमान के बारे में क्या निष्कर्ष निकलता है?

उत्तर:
जब पानी उबल रहा होता है, तो उबलने की प्रक्रिया के दौरान उसका तापमान स्थिर रहता है। इसी प्रकार जब बर्फ पिघल रही होती है, तब पिघलने की प्रक्रिया के दौरान उसका तापमान भी स्थिर रहता है

इससे यह समझा जा सकता है कि किसी पदार्थ में अवस्था परिवर्तन के दौरान तापमान हमेशा बढ़ता या घटता नहीं रहता। पुस्तक में दिए प्रयोगों द्वारा इन घटनाओं को तापमापी की सहायता से देखा जा सकता है।


10. मौसम की जानकारी प्राप्त करने में तापमान का क्या महत्व है?

उत्तर:
वायु का तापमान मौसम की जानकारी का एक महत्वपूर्ण भाग है। मौसम केंद्रों पर वायु के तापमान की नियमित निगरानी की जाती है। मौसम की रिपोर्ट में सामान्यतः किसी स्थान के अधिकतम और न्यूनतम वायु तापमान की जानकारी दी जाती है।

तापमान के साथ अन्य मौसम संबंधी आँकड़ों को भी एकत्र किया जाता है। इन आँकड़ों का उपयोग मौसम का पूर्वानुमान लगाने में किया जाता है। इसलिए तापमान का मापन मौसम संबंधी जानकारी प्राप्त करने में महत्वपूर्ण है।


11. डिजिटल डॉक्टरी तापमापी का उपयोग करते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर:
डिजिटल डॉक्टरी तापमापी का उपयोग करते समय निम्न सावधानियाँ रखनी चाहिए—

  1. तापमापी का उपयोग करने से पहले उसके निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
  2. तापमापी की नोक को उपयोग से पहले और बाद में साफ करना चाहिए
  3. डिजिटल डिस्प्ले को गीला नहीं करना चाहिए
  4. तापमापी को उसकी नोक से पकड़ना नहीं चाहिए
  5. तापमापी का प्रयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए।

इन सावधानियों से तापमापी को सुरक्षित और सही ढंग से उपयोग किया जा सकता है।


12. अन्ना मणि के विज्ञान के क्षेत्र में योगदान के बारे में लिखिए।

उत्तर:
अन्ना मणि (1918–2001) एक भारतीय वैज्ञानिक थीं। उन्होंने मौसम संबंधी उपकरणों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने पवन और सौर ऊर्जा से संबंधित कार्य भी किए।

मौसम की जानकारी के लिए विभिन्न प्रकार के उपकरणों की आवश्यकता होती है। अन्ना मणि ने ऐसे मौसम संबंधी उपकरणों के विकास और कार्य से जुड़े क्षेत्र में योगदान दिया। उनका कार्य मौसम विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जाता है।


13. तापमान मापते समय सही पाठ्यांक लेना क्यों आवश्यक है?

उत्तर:
तापमान का सही मान प्राप्त करने के लिए तापमापी को सही स्थिति में रखना और उसका पाठ्यांक सही ढंग से पढ़ना आवश्यक है। यदि आँखें द्रव-स्तंभ के स्तर से ऊपर या नीचे हों, तो पाठ्यांक गलत पढ़ा जा सकता है।

प्रयोगशाला तापमापी का बल्ब पात्र की तली या दीवार से नहीं लगना चाहिए और वह पदार्थ में पर्याप्त रूप से डूबा होना चाहिए। आँखों को द्रव-स्तंभ के ऊपरी सिरे के समान स्तर पर रखकर पाठ्यांक लेना चाहिए। इससे तापमान का सही मान प्राप्त करने में सहायता मिलती है।


14. ताप के मापन में तापमापी की क्या भूमिका है? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:
तापमापी तापमान मापने का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। यह हमें किसी वस्तु या पदार्थ की गरमाहट अथवा ठंडापन का संख्यात्मक मान बताता है।

मानव शरीर का ताप मापने के लिए डॉक्टरी तापमापी का प्रयोग किया जाता है, जबकि प्रयोगशाला में पानी या अन्य पदार्थों का ताप मापने के लिए प्रयोगशाला तापमापी का प्रयोग किया जाता है। मौसम केंद्रों पर भी वायु के तापमान को मापा जाता है।

इस प्रकार तापमापी का उपयोग स्वास्थ्य, विज्ञान के प्रयोगों तथा मौसम संबंधी जानकारी में किया जाता है।


15. ताप और उसके मापन से संबंधित अध्याय के मुख्य बिंदु लिखिए।

उत्तर:
अध्याय के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं—

  1. किसी वस्तु की गरमाहट या ठंडापन उसके ताप से निर्धारित होता है।
  2. ताप का सही मापन तापमापी द्वारा किया जाता है।
  3. तापमापी के प्रमुख प्रकार डॉक्टरी तापमापी और प्रयोगशाला तापमापी हैं।
  4. स्वस्थ वयस्क के शरीर का सामान्य ताप लगभग 37.0 °C या 98.6 °F माना जाता है।
  5. तापमान के प्रमुख मापक्रम सेल्सियस, फारेनहाइट और केल्विन हैं।
  6. ताप का SI मात्रक केल्विन (K) है।
  7. प्रयोगशाला तापमापी की सामान्य सीमा −10 °C से 110 °C होती है।
  8. तापमापी से ताप मापते समय उसके बल्ब को पात्र की तली और दीवारों से नहीं लगाना चाहिए।
  9. पाठ्यांक लेते समय आँखों को द्रव-स्तंभ के समान स्तर पर रखना चाहिए।
  10. मौसम की जानकारी और पूर्वानुमान में वायु के तापमान का महत्वपूर्ण स्थान है।

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