Daily Current Affairs ईरान-इजरायल महायुद्ध: सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत और मिडिल ईस्ट में गहराता संकट
28 फरवरी और 1 मार्च 2026 की तारीखें इतिहास के पन्नों में मिडिल ईस्ट के सबसे बड़े सैन्य टकराव के रूप में दर्ज हो गई हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर एक भीषण सैन्य हमला किया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इस घटनाक्रम ने न केवल पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की स्थिति पैदा कर दी है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और विमानन क्षेत्र को भी हिलाकर रख दिया है।
‘ऑपरेशन लायन रोर’ और खामेनेई का अंत
इजरायल ने इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन लायंस रोर’ (Roar of the Lion) और अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का नाम दिया। 28 फरवरी की सुबह इजरायली और अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने तेहरान स्थित खामेनेई के आवास और कार्यालय पर सटीक हमला किया। ईरानी स्टेट मीडिया और वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हमले के वक्त खामेनेई अपने कार्यालय में ड्यूटी पर थे, जहाँ मलबे के नीचे उनका शव पाया गया।
इस हमले में केवल खामेनेई ही नहीं, बल्कि ईरान का शीर्ष नेतृत्व लगभग खत्म हो गया है। मारे गए अन्य प्रमुख नेताओं में शामिल हैं:
- ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुल रहीम मौसावी।
- ईरान के रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह।
- IRGC कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर।
- खामेनेई के सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी।
- खामेनेई के परिवार के सदस्य, जिनमें उनकी बेटी और पोती भी शामिल हैं।
इतिहास का सबसे बड़ा साइबर हमला
सैन्य हमलों के साथ-साथ, इजरायल ने ईरान के खिलाफ इतिहास का सबसे बड़ा साइबर हमला भी किया। इस हमले ने ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, आधिकारिक समाचार साइटों और सुरक्षा संचार प्रणालियों को पूरी तरह पंगु बना दिया। नेटब्लॉक्स (NetBlocks) के अनुसार, ईरान में इंटरनेट कनेक्टिविटी गिरकर सामान्य ट्रैफिक का केवल 4% रह गई, जिससे पूरा देश ‘डिजिटल फॉग’ में डूब गया।
ईरान की जवाबी कार्रवाई और वैश्विक असर
अपने शीर्ष नेता की मौत के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में सऊदी अरब, कतर, कुवैत, यूएई और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं।
- ईरान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने का खतरा पैदा हो गया है।
- दुबई और अबू धाबी जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर भी हमले की खबरें हैं, जहाँ मिसाइल गिरने से कई लोग घायल हुए हैं।
भारत पर प्रभाव: उड़ानों का संकट और कूटनीतिक चुनौतियां
भारत के लिए यह संकट दोतरफा है—आर्थिक और मानवीय।
- विमानन क्षेत्र: सुरक्षा कारणों से मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस बंद होने के कारण भारत में 1 मार्च को करीब 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका है। एयर इंडिया और इंडिगो ने अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों की अपनी उड़ानें सस्पेंड कर दी हैं।
- भारतीय समुदाय: खाड़ी क्षेत्र में करीब 8-9 मिलियन भारतीय रहते हैं, जिनकी सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इजरायल और ईरान में फंसे भारतीयों के लिए दूतावासों ने 24×7 हेल्पलाइन जारी की है।
- विरोध प्रदर्शन: खामेनेई की मौत की खबर के बाद भारत के श्रीनगर (कश्मीर) और लखनऊ जैसे शहरों में शिया समुदाय के लोगों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बल प्रयोग की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। रूस और चीन ने इसे एक संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ आक्रामकता करार दिया है, जबकि ब्रिटेन और फ्रांस ने स्थिति को ‘खतरनाक’ बताते हुए सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है।
वर्तमान में, ईरान ने एक तीन सदस्यीय परिषद (राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सहित) को देश की कमान सौंपी है, जबकि खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नए सुप्रीम लीडर के रूप में चर्चा में लाया गया है। मिडिल ईस्ट की यह जंग अब एक ऐसे मोड़ पर है जहाँ से तनाव कम होने के संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं
कच्चे तेल की कीमतों पर असर और होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का सबसे गंभीर असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ा है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य की बंदी: ईरान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया है। यह मार्ग दुनिया के लिए बेहद अहम है क्योंकि वैश्विक कच्चे तेल की 20 प्रतिशत सप्लाई इसी रास्ते से होती है।
- कीमतों में भारी उछाल: इस रास्ते के बंद होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) का भाव एक समय 75.33 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया, जो पिछले बंद स्तर से लगभग 12 प्रतिशत ज्यादा था।
- अनुमानित लक्ष्य: बाजार विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतें 76 से 81 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।
- भारत के लिए रणनीतिक चिंता: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है, इसलिए तेल सप्लाई में कोई भी रुकावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
विमानन क्षेत्र और एयर इंडिया की नई एडवाइजरी
युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस असुरक्षित हो गया है, जिससे भारत सहित पूरी दुनिया की उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
- उड़ानों का रद्दीकरण: नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, केवल 1 मार्च को भारत में करीब 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका है, जबकि इससे एक दिन पहले 410 उड़ानें कैंसिल की गई थीं।
- एयर इंडिया का फैसला: एयर इंडिया ने सुरक्षा कारणों से अमेरिका, यूरोप और कनाडा जाने वाली अपनी कई महत्वपूर्ण उड़ानें रद्द कर दी हैं। इनमें दिल्ली/मुंबई से लंदन, न्यूयॉर्क, शिकागो, पेरिस और फ्रैंकफर्ट जैसी प्रमुख उड़ानें शामिल हैं।
- एयर इंडिया एक्सप्रेस: खाड़ी देशों (Gulf countries) के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस की सभी उड़ानें 1 मार्च की रात 11:59 बजे तक के लिए सस्पेंड कर दी गई हैं। कंपनी ने यात्रियों को राहत देते हुए 5 मार्च तक की यात्रा के लिए ‘फ्री डेट चेंज’ या कैंसिलेशन की सुविधा दी है।
- इंडिगो की कार्रवाई: इंडिगो ने भी सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए मिडिल ईस्ट की अपनी सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
भारतीय नागरिकों और यात्रियों के लिए अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
- MEA की सलाह: भारत के विदेश मंत्रालय ने उन विदेशी नागरिकों को FRRO (Foreigners Regional Registration Office) से संपर्क करने को कहा है, जिनकी यात्रा रद्द होने के कारण उन्हें वीजा विस्तार की आवश्यकता है।
- हेल्पलाइन नंबर: सऊदी अरब और इजरायल में फंसे भारतीयों के लिए दूतावासों ने 24×7 हेल्पलाइन जारी की है। इजरायल में भारतीयों को सुरक्षित जगहों के पास रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
- निकासी की योजना: इजरायल में भारतीय दूतावास ने कहा है कि यदि हालात अनुकूल होते हैं, तो भारतीयों को मिस्र या जॉर्डन के रास्ते सुरक्षित निकालने की योजना बनाई जाएगी।
मौजूदा स्थिति बहुत अनिश्चित है और यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले एयरलाइन के ऐप या वेबसाइट पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें।
- ईरान-इजरायल महायुद्ध: सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत और मिडिल ईस्ट में गहराता संकट
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