अफ़गानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष: क्या डूरंड रेखा पर छिड़ गई है ‘ओपन वॉर’?

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अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अफ़गानिस्तान की सेना (तालिबान) ने पाकिस्तान के लगभग 55 सैनिकों को मार गिराया है। यह स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पाकिस्तान ने अफ़गानिस्तान के खिलाफ ‘ओपन वॉर’ (खुली जंग) का ऐलान कर दिया। डूरंड रेखा पर दोनों देशों की सेनाएँ आमने-सामने हैं और भारी गोलाबारी की खबरें आ रही हैं।

संघर्ष की शुरुआत: हवाई हमले और प्रतिशोध

इस ताज़ा विवाद की जड़ें 22 फरवरी की घटना में छिपी हैं। स्रोतों के अनुसार, पाकिस्तान ने अफ़गानिस्तान के भीतर नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले (Air Strikes) किए थे, जिसमें लगभग 13 लोगों की जान चली गई थी। अफ़गानिस्तान का दावा है कि इन हमलों में 11 बच्चे भी मारे गए और एक ही परिवार के 23 लोगों की मौत हुई।

अफ़गानिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन और एक ‘आपराधिक कृत्य’ करार दिया। इसके जवाब में, 26 फरवरी की रात को अफ़गानिस्तान ने प्रतिशोधात्मक कार्रवाई (Retaliatory Action) शुरू की, जिसमें डूरंड रेखा के पार पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया गया।

डूरंड रेखा पर भारी नुकसान

अफ़गान सेना ने डूरंड रेखा पर स्थित पाकिस्तान की सुरक्षा चौकियों पर घात लगाकर हमले किए। ताजा अपडेट के अनुसार:

  • अफ़गानिस्तान ने पाकिस्तान की 15 सैन्य चौकियों (Outposts) पर कब्ज़ा करने का दावा किया है।
  • शुरुआत में 40 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर थी, जो बाद में बढ़कर 55 तक पहुँच गई।
  • सोशल मीडिया पर ऐसी अपुष्ट खबरें भी हैं कि अफ़गानिस्तान ने पाकिस्तान का एक F-16 लड़ाकू विमान मार गिराया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पाकिस्तान का ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’

अफ़गान हमले के जवाब में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ शुरू करने की घोषणा की है。 पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि उनके हमलों में अफ़गानिस्तान के 133 लड़ाके मारे गए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि वे अफ़गानिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, क्योंकि उनके अनुसार अफ़गान नागरिक पाकिस्तान में आत्मघाती हमलों में शामिल रहे हैं।

भारत पर दोषारोपण और कूटनीतिक तनाव

हमेशा की तरह, पाकिस्तान ने इस पूरी स्थिति के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान के मंत्रियों का आरोप है कि तालिबान अब भारत की ‘कॉलोनी’ बन गया है और भारत के इशारे पर पाकिस्तान के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर लड़ रहा है। दूसरी ओर, अफ़गानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा विफल हो चुकी है और वे अपनी कमियों को छिपाने के लिए दूसरे देश पर हमला कर रहे हैं।

डूरंड रेखा का विवाद

यह संघर्ष उस सीमा रेखा पर हो रहा है जिसे डूरंड रेखा कहा जाता है। ब्रिटिश काल में बनी इस सीमा को पाकिस्तान तो मानता है, लेकिन अफ़गानिस्तान ने इसे कभी स्वीकार नहीं किया है। तालिबान अब डूरंड रेखा के पार के क्षेत्रों पर भी अपना दावा पेश कर रहा है।

आधुनिक हथियारों का मुकाबला

दिलचस्प बात यह है कि अफ़गानिस्तान के पास अब वे अमेरिकी हथियार और तकनीक हैं, जो अमेरिका अपनी वापसी के दौरान वहाँ छोड़ गया था। अफ़गान लड़ाके पाकिस्तान की परमाणु धमकी का जवाब अपने ‘आत्मघाती लड़ाकों’ और इन्हीं आधुनिक हथियारों से दे रहे हैं।

निष्कर्ष

फिलहाल स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, जिसमें यूएन और कतर जैसे देश शामिल हैं, दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि दोनों तरफ से हमले जारी हैं और यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।


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