इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट: तकनीकी महत्वाकांक्षा, भारी अव्यवस्था और ‘चीनी रोबोडॉग’ का पूरा सच

Daily Current Affairs : इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट: तकनीकी महत्वाकांक्षा, भारी अव्यवस्था और ‘चीनी रोबोडॉग’ का पूरा सच

भारत का एआई इम्पैक्ट समिट: नवाचार की उड़ान या अव्यवस्था का अंबार?

भारत की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी से 20 फरवरी तक दुनिया की सबसे बड़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट, ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’, का आयोजन किया जा रहा है। इस वैश्विक आयोजन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 15 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, और 100 से अधिक सीईओ हिस्सा ले रहे हैं। हालाँकि, इस महाकुंभ की शुरुआत जितनी भव्य थी, उतनी ही विवादों और अव्यवस्थाओं से भी घिरी रही।

अव्यवस्था और सुरक्षा के बीच फंसा आमजन

समिट के पहले ही दिन भारी अव्यवस्था देखने को मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 16 तारीख को अचानक मंडपम पहुँचने के कारण सुरक्षा कारणों से आम जनता और प्रदर्शकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगभग 70,000 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति और प्रधानमंत्री की यात्रा के कारण सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज करने के लिए लोगों को हॉल से बाहर निकाल दिया, जिससे कई स्टार्टअप्स अपनी स्टॉल पर ग्राहकों को नहीं बुला सके।

ब्लूमबर्ग और रॉयटर्स जैसी अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स ने यहाँ लंबी लाइनों, ओवरक्राउडिंग और भोजन-पानी की कमी का जिक्र किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ‘डिजिटल इंडिया’ को बढ़ावा देने वाले इस इवेंट के फूड कोर्ट में केवल कैश लिया जा रहा था, जिससे लोग काफी नाराज हुए। इसके अलावा, सुरक्षा के नाम पर लैपटॉप, चाबियाँ और इयरबड्स जैसे जरूरी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर भी रोक लगा दी गई थी।

प्रोडक्ट चोरी और पुलिस की कार्रवाई

समिट में उस समय हड़कंप मच गया जब धनंजय यादव नामक एक प्रदर्शक का प्रोडक्ट चोरी हो गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस सुरक्षा चूक की शिकायत की, जिसके बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरा। हालाँकि, दिल्ली पुलिस की तत्परता के कारण चोरी हुआ सामान रातों-रात मिल गया और प्रदर्शक ने पुलिस को धन्यवाद भी दिया।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी और ‘रोबोडॉग’ विवाद

इस समिट का सबसे बड़ा विवाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी की स्टॉल पर देखने को मिला। यूनिवर्सिटी ने एक रोबोटिक कुत्ते और एक फुटबॉल जैसी दिखने वाली बॉल को अपने नवाचार (Innovation) के रूप में प्रदर्शित किया। डीडी न्यूज़ के इंटरव्यू में यूनिवर्सिटी की प्रतिनिधि ने दावा किया कि यह उनके ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ द्वारा विकसित किया गया है।

लेकिन जल्द ही सोशल मीडिया पर इसका सच सामने आ गया। खोजबीन करने पर पता चला कि वह ‘रोबोडॉग’ वास्तव में ‘यूनिट्री’ (Unitree) नामक एक चीनी कंपनी का प्रोडक्ट है, जिसकी कीमत लगभग 2,800 डॉलर (करीब 2.5 लाख रुपये) है। इसी तरह, फुटबॉल बॉल भी एक दक्षिण कोरियाई कंपनी का उत्पाद निकली। विवाद बढ़ने पर यूनिवर्सिटी ने सफाई दी कि उन्होंने इसे केवल छात्रों के सीखने के लिए रखा था, लेकिन उनके पहले के दावों और इस सफाई में काफी अंतर दिखा। अंततः, सरकार के आदेश पर इस स्टॉल को वहाँ से हटा दिया गया।

सरकार की प्रतिक्रिया और सुधार

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अव्यवस्थाओं की खबरों के बीच, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और स्वीकार किया कि भारी भीड़ के कारण कुछ असुविधाएँ हुईं। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक ‘वॉर रूम’ बनाया गया है जो किसी भी समस्या का तुरंत समाधान करेगा।

स्रोतों के आधार पर ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के मुख्य तथ्य इस प्रकार हैं-

1. दिल्ली में आयोजित इस समिट में 100 से अधिक देशों ने भाग लिया।

2. गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीनी ‘रोबोडॉग’ को अपना नवाचार बताने पर बड़ा विवाद हुआ।

3. पीएम की यात्रा के दौरान भारी अव्यवस्था, सुरक्षा प्रतिबंध और कैश-ओनली फूड कोर्ट की समस्याएँ रहीं।

4. मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अव्यवस्था के लिए माफी मांगी

लेटेस्ट अपडेट

इंडिया एआई मिशन: इस समिट के दौरान और उसके बाद, भारत सरकार ने ‘इंडिया एआई मिशन’ के लिए लगभग 10,000 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य देश में एआई कंप्यूटिंग क्षमता और नवाचार को बढ़ावा देना है।

वैश्विक सहयोग: समिट के समापन पर, कई देशों के साथ एआई के नैतिक उपयोग (Ethical AI) और सुरक्षा मानकों को लेकर समझौतों पर चर्चा हुई है।

सोशल मीडिया ट्रेंड्स: गलगोटिया यूनिवर्सिटी का वीडियो अभी भी सोशल मीडिया पर मीम्स और चर्चाओं का विषय बना हुआ है, जिससे शैक्षणिक संस्थानों में मौलिक शोध (Original Research) की कमी पर बहस छिड़ गई है।

निष्कर्ष: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट ने जहाँ एक ओर भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं को दुनिया के सामने रखा है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढाँचे के प्रबंधन और नवाचार की प्रमाणिकता पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। भविष्य में ऐसे आयोजनों की सफलता के लिए अनुसंधान पर निवेश और बेहतर प्रबंधन की नितांत आवश्यकता है

1. इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट (India AI Impact Summit)

2. भारत मंडपम नई दिल्ली (Bharat Mandapam New Delhi)

3. गलगोटिया यूनिवर्सिटी रोबोडॉग विवाद (Galgotias University Robodog Controversy)

4. यूनिट्री चीनी रोबोट (Unitree Chinese Robot)

5. अश्विनी वैष्णव माफी (Ashwini Vaishnav Apology)

6. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनोवेशन (Artificial Intelligence Innovation)

7. पीएम मोदी भारत मंडपम दौरा (PM Modi Bharat Mandapam Visit)

8. डिजिटल इंडिया कैश विवाद (Digital India Cash Controversy)

9. भारतीय एआई स्टार्टअप्स (Indian AI Startups)

10. रोबोटिक डॉग फर्जीवाड़ा (Robotic Dog Fraud)


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