क्यों है 26 जनवरी इतनी अहम? क्या है गणतंत्र दिवस समारोह के पीछे का इतिहास? Why is 26 January so important? What is the history behind Republic Day Celebration?

Why is 26 January so important? What is the history behind Republic Day Celebration?

क्या आप जानते हैं कि छब्बीस जनवरी भारत देश के लिए इतनी अहम तारीख क्यों है? क्या हुआ था ऐसा 26 जनवरी को कि इस दिन को देश भर में राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाया जाता है?तो आईए जानते हैं कि आखिर इसके पीछे का इतिहास क्या है !

26 जनवरी को देश भर में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। ये भारत के तीन राष्ट्रीय पर्वों में से एक है स्वतंत्रता दिवस व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती जो क्रमशः 15अगस्त और 2 अक्टूबर को मनाए जातें हैं दो अन्य राष्ट्र पर्व हैं।

26 जनवरी 1950 को देश में (भारत सरकार अधिनियम 1935) को ख़ारिज़ कर स्वयं निर्मित व निर्धारित संविधान को लागू कर भारत को एक गणतंत्र राष्ट्र घोषित किया गया था। इसलिए इस दिन को पूरा देश गणतंत्र दिवस के रूप में मनाता है।

असल में साल 1930 में 26 जनवरी के दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित कर झंडा फहराया था। यह क्रम भारत की आज़ादी तक यथावत चलता रहा 1947 के बाद 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। लेकिन तब तक हमारा संविधान निर्मित नहीं हुआ था अतः तब तक हमारा देश (भारत सरकार अधिनियम 1935) के तहत ही चला 9 दिसंबर 1947 से भारत को गणतंत्र घोषित करने के लिए संविधान के निर्माण की शुरुआत हुई जिसे तमाम कड़ी मेहनत के बाद दो साल ग्यारह माह अट्ठारह दिनों में 2नवंबर 1949 को बनाकर तैयार कर लिया गया जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया तबसे यह दिन भारत के गौरवशाली इतिहास में गणतंत्र दिवस के रूप में स्थापित हो गया।

गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day Celebration)

इस दिन भारत सरकार की तरफ से एक बड़ा आयोजन किया जाता है जिसमें इंडिया गेट के राजपथ पर एक परेड निकलती है जो लाल किले तक जाती है इस परेड में तीनों सेनाओं की टुकड़ियां रहती हैं तथा बाकि आजादी के बाद से अलग-अलग उद्देश्यों से शुरू की गई अन्य सेनाओं के भी जत्थे इसमें भाग लेते हैं।

सभी राज्यों की झांकियों की प्रस्तुति भी इस परेड में शामिल होती हैं। देश के राष्ट्रपति इस परेड को सलामी देते हैं। देश भर से लोग इस परेड को देखने इंडिया गेट पहुंचते हैं जहां टिकट और पास के माध्यम से एंट्री होती है। आकाश में वायुसेना के विमानों द्वारा बहुत ही सुंदर प्रदर्शन किया जाता है। इस पूरे कार्यक्रम का प्रसारण टेलीविजन और रेडियो पर होता है। देश भर के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन होते हैं जिनमें देश के शहीदों और महान व्यक्तित्वों को याद किया जाता है। सभी सरकारी,गैर सरकारी दफ्तरों में ध्वजारोहण किया जाता है एवं मिठाई भी बांटी जाती है।

गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल हुए चीफ गेस्ट की सूची (List of Chief Guests of Republic Day Parade of Previous Years)

इस परेड में हर साल एक चीफ़ गेस्ट को आमंत्रित किया जाता है अब तक गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल हुए चीफ गेस्ट की सूची निम्नवत है

  • 1950 राष्ट्रपति, सुकर्णो इंडोनेशिया
  • 1951––
  • 1952––
  • 1953––
  • 1954 राजा, जिग्मे दोरजी वांगचुक भूटान
  • 1955 गर्वनर जनरल, मलिक गुलाम मोहम्मद पाकिस्तान
  • 1956––
  • 1957––
  • 1958 मार्शल ये जियानयिंग चीन
  • 1960 राष्ट्रपति, क्लिमेंट वोरोशिलोव सोवियत संघ 1959––
  • 1961 रानी, एलिज़ाबेथ द्वितीय यूके
  • 1963 राजा, नोरोडोम सिहानोक कंबोडिया 1962––
  • 1964––
  • 1965 खाद्य एवं कृषि मंत्री, राना अब्दुल हामिदपाकिस्तान
  • 1966––
  • 1967––
  • 1968 प्रधानमंत्री, अलेक्सी कोसिजिन
  • 1969 प्रधानमंत्री, टॉड झिवकोव बुल्गारिया
  • 1970––
  • 1971 राष्ट्रपति, जुलियस नीयरेरे तंजानिया
  • 1972 प्रधानमंत्री, शिवसागर रामगुलाम मॉरीशस
  • 1973 राष्ट्रपति, कर्नल जॉसेफ़ मोबूतो जैरे
  • 1974 राष्ट्रपति, जोसिप ब्रौज टीटो यूगोस्लाविया और प्रधानमंत्री, सिरिमावो बन्दरानाइक श्रीलंका
  • 1975 राष्ट्रपति, केनेथ कौंडाजांबिया
  • 1976 प्रधानमंत्री, ज़्याक शिराक फ्रांस
  • 1977 प्रथम सचिव, एडवर्ड गिरेक पौलैण्ड
  • 1978 राष्ट्रपति, पैट्रिक हिलरी ऑयरलौंड
  • 1979 प्रधानमंत्री, मैल्कम फ्रेजर ऑस्ट्रेलिया
  • 1980 राष्ट्रपति, वैलेरी गिसकर्ड डी ‘ईस्टांग फ्रांस
  • 1981 राष्ट्रपति, जोस लोपेज़ पोर्टिलो मेक्सिको
  • 1982 राजा, जॉन कार्लोस प्रथम स्पे
  • 1983 राष्ट्रपति, सेहु शगारी नाइजीरिया
  • 1984 राजा जिग्मे सिंगये वांगचुक, इंडोनेशियाई सेना के चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल रुदिनी भूटान , इंडोनेशिया
  • 1985 राष्ट्रपति, राउल अल्फोंसिन अर्जेन्टीना
  • 1986 प्रधानमंत्री, एँड्रियास पपनड्रीयु ग्रीस
  • 1987 राष्ट्रपति, एलन गार्सिया , राष्ट्रपति ,रॉबर्ट मुगाबेपेरु , जिम्बाब्वे
  • 1988 राष्ट्रपति, जूनिअस रिचर्ड जयवर्धने श्रीलंका
  • 1989 नगुय वं लनं वियतनाम
  • 1990 प्रधानमंत्री, अनिरुद्ध जगन्नाथ मॉरीशस
  • 1991 राष्ट्रपति, मॉमून अब्दुल गय्यूम मालदीव
  • 1992 राष्ट्रपति, मेरियो सोरेस पुर्तगाल
  • 1993 प्रधानमंत्री, जॉन मेजर यूके
  • 1994 प्रधानमंत्री, गोह चोक टोंग सिंगापुर
  • 1995 राष्ट्रपति, नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रिका
  • 1996 राष्ट्रपति, लुइज़ इंसियो लूला दा सिल्वा ब्राजील
  • 1997 प्रधानमंत्री, बसदेव पाण्डे त्रिनीनाद और टोबैगो
  • 1998 राष्ट्रपति, ज़्याक शिराक फ्रांस
  • 1999 राजा बीरेंद्र बीर बिक्रम शाह देव नेपाल
  • 2000 राष्ट्पति, ऑल्यूसगुन ओबसांजो नाइजीरिया
  • 2001 राष्ट्पति, अब्देलाज़िज बुटेफ्लिका अलजीरीया
  • 2002 राष्ट्पति, कसम उतेम मॉरीशस
  • 2003 राष्ट्पति, मोहम्मद ख़ातमी इरान
  • 2004 राष्ट्पति, लुइज़ इंसियो लूला दा सिल्वा ब्राजील
  • 2005 राजा, जिग्मे सिंगये वांगचुक भूटान
  • 2006 राजा, शाह अब्दुल्ला सऊदी अरब के राजा
  • 2007 राष्ट्रपति, व्लादिमीर पुतिन रुस
  • 2008 राष्ट्रपति, निकोलस सरकोजी फ्रांस
  • 2009 राष्ट्रपति, नूर्सुल्तान नाज़र्बायव कज़ाकिस्तान
  • 2010 राष्ट्रपति, ली म्यूंग बक कोरिया गणराज्य
  • 2011राष्ट्रपति, सुसीलो बाम्बांग युद्धोयोनो इंडोनेशिया
  • 2012 प्रधानमंत्री, यिंगलक चिनावाट थाईलैंड
  • 2013 राजा, जिग्मे खेसर नामग्याल वांग्चुक भूटान
  • 2014 प्रधानमंत्री, शिंजो अबे जापान
  • 2015 राष्ट्रपति, बराक ओबामा यूएसए
  • 2016 राष्ट्रपति, फ्रांस्वा ओलांद, राष्ट्रपति, मैत्रीपाल सिरिसेन फ्राँस , श्रीलंका
  • 2017 क्राउन प्रिंस, मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान अबु धाबी
  • 2018 सभी दस आसियान देशों के प्रमुख
  • 2019 राष्ट्रपति, सिरिल रामाफोसा दक्षिण अफ्रीका
  • 2020 राष्ट्रपति, जेयर बोल्सोनारो ब्राजील
  • 2021 ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाइलैंड और वियतनाम सोवियत यूनियन राष्ट्रपति, जोसिप ब्रोज टीटोयूगोस्लाविया

संविधान सभा (Constituent Assembly)

भारत के संविधान को बनाने के लिए संविधान सभा का गठन किया गया था जिसमें सभी प्रांतों के कुल 284 सदस्यों को निर्वाचित किया गया था इसके अध्यक्ष के रूप में डाॅ राजेंद्र प्रसाद जो (देश के प्रथम राष्ट्रपति) भी बने को चुना गया इसके बाद जवाहर लाल नेहरू,बल्लभ भाई पटेल,डाॅ भीमराव अम्बेडकर,व मौलाना अबुल कलाम आजाद सरीखे लोगों ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई। संविधान सभा की सबसे महत्वपूर्ण कमेटी ड्राफ्टिंग कमेटी थी जिसके अध्यक्ष डाॅ भीमराव अम्बेडकर बने। इस तरह की कुल 22 समितियों का गठन संविधान सभा के लिए किया गया। संविधान सभा की बैठकें करीब 114 दिनों तक चलीं और अंततः दो साल ग्यारह माह अट्ठारह दिनों में संविधान का निर्माण हुआ। संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1947 को हुई और 26नवंबर 1949 को तमाम समितियों ने अपना काम पूरा कर संविधान को संविधान सभा के समक्ष प्रस्तुत किया इसलिए 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके उपरांत 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के सभी सदस्यों ने संविधान की हस्तलिखित दो काॅपियों पर हस्ताक्षर किए और 26जनवरी 1950 को इस संविधान को देश भर में लागू कर दिया गया।

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